मऊ बच्चा अपहरण मामला: लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 2023 से तैनात रहे 3 पुलिस कप्तानों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश
मऊ में 14 वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले में लापरवाही बरतने पर सुप्रीम कोर्ट ने 2023 से अब तक तैनात ...और पढ़ें

HighLights
मऊ अपहरण मामले में सुप्रीम कोर्ट का जांच आदेश।
2023 से तैनात पुलिस कप्तानों पर विभागीय कार्रवाई।
कानून-व्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मऊ में 14 वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले में लापरवाही बरतने पर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2023 से अब तक जिले में तैनात रहे पुलिस कप्तानों के खिलाफ विभागीय जांच कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तल्ख टिप्पणी करते हुए पुलिस के रवैये को लापरवाह बताया है।
मुख्य सचिव को 16 नवंबर को अगली सुनवाई तक जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
इसके दायरे में आइपीएस अविनाश पांडे (2015 बैच), इलामरन (2016 बैच) और प्रमोटी आइपीएस कमलेश बहादुर (2017 बैच) आ सकते हैं। हालांकि, जांच के औपचारिक आदेश जारी होने की स्थिति स्पष्ट होनी बाकी है।
डीजीपी मुख्यालय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। वहीं, मऊ पुलिस की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल करने की तैयारी है।
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पुलिस का पक्ष है कि मामले में संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर विवेचना पूरी की गई थी, लेकिन इस संबंध में जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल नहीं हो सका था। इसलिए यह आदेश पारित हुआ है।
