लखनऊ, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के वार्षिकोत्सव में भाग लेने जा रहे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मंगलवार को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर ही रोक दिए जाने से प्रदेश में जगह-जगह सपाई सड़क पर उतर आये। प्रयागराज में समर्थकों का प्रदर्शन उग्र हो जाने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें सपा सांसद धर्मेंद्र यादव भी घायल हो गए। मामले की गूंज विधानमंडल के दोनों सदनों में भी हुई। सपा-बसपा सदस्यों के जबरदस्त विरोध के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। राजधानी में सपाइयों ने राजभवन का घेराव कर नारेबाजी की। हालांकि, राज्यपाल राम नाईक ने मंगलवार को मिलने के लिए अखिलेश यादव को समय नहीं दिया।

अखिलेश को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से मंगलवार को प्राइवेट जेट से प्रयागराज जाना था। वह अपने आवास से एयरपोर्ट पहुंचकर निजी विमान की सीढिय़ां चढ़ ही रहे थे कि प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। कहा, इलाहाबाद प्रशासन ने आपको वहां प्रवेश की अनुमति नहीं दी है, इसलिए आप नहीं जा सकते। इस पर अखिलेश ने अधिकारियों से कहा कि आप प्रतिबंध का कागज दिखाइए। अधिकारियों के पास उस समय कागज नहीं था। इस पर तीन घंटे तक नोक-झोंक और सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की होती रही। बहरहाल, कागज दिखाए जाने पर अखिलेश वापस पार्टी मुख्यालय आ गए। यहां उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर कहा, सरकार छात्रों से घबराई है। सीएम ने अपनी ठोंको-रोको नीति के तहत कार्यक्रम निरस्त कराया है।

अखिलेश के न आने की खबर जब प्रयागराज पहुंची तो सपा कार्यकर्ताओं-छात्रों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में छात्र बमरौली एयरपोर्ट पर भी थे। वे नारेबाजी करते हुए वापस लौटे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में समाजवादी छात्र सभा के सदस्यों ने भी सांसद धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में जुलूस निकालकर बालसन चौराहे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें सांसद धर्मेंद्र यादव समेत कई छात्रनेता गंभीर रूप से घायल हो गए। कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई।

प्रयागराज में लाठीचार्ज की खबर वायरल होते ही पूरे प्रदेश में सपाइयों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई स्थानों पर उन्हें काबू करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। राजधानी में सपा मुख्यालय में उस समय विधायकों-विधान परिषद सदस्यों समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। उन सभी ने पैदल मार्च करते हुए राजभवन गेट पर धरना शुरू कर दिया। राज्यपाल द्वारा मंगलवार को तो नहीं लेकिन बुधवार को सुबह दस बजे मिलने का समय देने के बाद धरना समाप्त हो गया। 

सपा विध्वंसक गतिविधियों के लिए कुख्यातः योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि विध्वंसक गतिविधियों के लिए कुख्यात समाजवादी पार्टी अपनी अराजकता को आगे बढ़ाना चाहती है। प्रयागराज जिला प्रशासन ने आशंका व्यक्त की थी कि अखिलेश के जाने से हिंसा हो सकती है, इसलिए उन्हें वहां जाने से रोका गया।

सीएम योगी खुद फैलाते रहे हिंसाः अखिलेश

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों के समक्ष अपनी बात रखनी थी। इसमें हिंसा कैसे फैल जाती। हिंसा तो खुद मुख्यमंत्री योगी ही फैलाते रहे हैं। वह ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनके ऊपर खुद कई मुकदमे हैं। सरकार ने अपनी रोको-ठोंको नीति के तहत कार्यक्रम निरस्त किया। 

Posted By: Dharmendra Pandey