नोएडा में श्रमिक आंदोलन पर अखिलेश यादव ने सरकार के खुफिया तंत्र पर उठाया सवाल, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
Akhilesh Yadav on Noida Insdustrial Labour Strike: अगर आप से प्रदेश नहीं संभल रहा है तो ससम्मान इस गद्दी से उतरकर जाइए, नहीं तो जनता उतार देगी।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव
HighLights
भाजपा का डबल इंजन, जनता के लिए ट्रबल इंजन
भाजपाई खुद तो अंतिम दौर के भ्रष्टाचार में आकंठ लिप्त
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। नोएडा में श्रमिक आंदोलन के हिंसक होने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
अखिलेश यादव ने लिखा कि अगर माननीय मुख्यमंत्री जी नोएडा के मजदूरों के आंदोलन को किसी की साजिश बता रहे हैं तो एक सवाल जनता आपसे पूछ रही है कि अगर ये सच है तो आपकी खुफिया पुलिस क्या आपके साथ बंगाल प्रचार करने गयी थी या वनस्पति की खोजबीन में लीन थी या उसके प्रभाव में।
मजदूरों के आंदोलन को नक्सलवाद के आरोप से बदनाम करने से पहले आप ये बताएं कि आपने ऐसा क्या किया है कि दस वर्ष में ऐसे हालात बन गये। आप मजदूरों के जख्मों पर मलहम नहीं लगा सकते तो न लगाएं, लेकिन उन जख्मों पर नमक तो न छिड़कें।
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भाजपाई कमीशनखोरी से जन्मी महंगाई के कारण परिवारवाले वैसे ही दुखी है उसके ऊपर अवांछित दोषारोपण करने का जो पाप आप कर रहे हैं, वो घोर निंदनीय है। इससे हालात बद से बदतर हो सकते हैं। अगर आप से प्रदेश नहीं संभल रहा है तो ससम्मान इस गद्दी से उतरकर जाइए, नहीं तो जनता उतार देगी।
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भाजपाई खुद तो अंतिम दौर के भ्रष्टाचार में आकंठ लिप्त हैं, इसीलिए न इनसे देश संभल रहा है, न प्रदेश। भाजपा का डबल इंजन, जनता के लिए ट्रबल इंजन बन गया है। जनता इन सब इंजनों के पहिए खोल देगी और पूर्ज़े निकालकर, हमेशा के लिए कबाड़खाने में भेज देगी।
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नोएडा में सैलरी बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि भाजपा की सरकार में अन्याय की चरम सीमा है। अन्याय हर तरह का हो रहा है। अन्याय आर्थिक रूप से हो रहा है। अन्याय महंगाई बढ़ाकर हो रहा है। अन्याय बेरोजगारी बढ़ाकर हो रहा है।
आज जो नोएडा में देखने को मिला है, बड़े पैमाने पर मजदूर अपनी मांग करते रहे हैं। पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सराकर की है। सरकार की कमी ये है कि जब मजदूर अपनी मांग को लेकर आए हैं तो सरकार ने सुनवाई क्यों नहीं की। अन्य प्रदेशों में भी जब मजदूरों का वेतन बढ़ गया तो सरकार ने उत्तर प्रदेश में राहत क्यों नहीं दी।
अगर माननीय मुख्यमंत्री जी नोएडा के मज़दूरों के आंदोलन को किसी की साज़िश बता रहे हैं तो एक सवाल जनता आपसे पूछ रही है कि अगर ये सच है तो आपकी ख़ुफ़िया पुलिस क्या आपके साथ बंगाल प्रचार करने गयी थी या वनस्पति की खोजबीन में लीन थी या उसके प्रभाव में। मज़दूरों के आंदोलन को नक्सलवाद के…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 13, 2026
