राज्यसभा चुनाव के लिए अब लोगों को सपा के तीसरे पत्ते का इंतजार, पूर्व सांसद सलीम शेरवानी आशान्वित
Samajwadi Party Rajyasabha: पार्टी ने प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के साथ गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परंतु गुजरात से गहरे संपर्क वाले धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी घोषित किया।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रोफेसर रामगोपाल यादव के साथ धनराज नथवानी ने नामांकन किया
HighLights
समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी ने किया नामांकन
सपा अखिलेश यादव ने साथ जाकर दाखिल कराया दोनों का नामांकन
राज्यसभा सदस्य परिमल नथवानी के बेटे और जीसीए के अध्यक्ष है धनराज
दूसरे प्रत्याशी के रूप में उनके नाम से ही चौंकाया, अभी तीसरा पत्ता बाकी
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश की दस राज्यसभा सीटों के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने दूसरे प्रत्याशी के रूप में धनराज नथवानी का नामांकन करा सबको चौंका दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रोफेसर रामगोपाल यादव के साथ धनराज नथवानी ने नामांकन किया। अभी समाजवादी पार्टी एक और सरप्राइज देने की तैयारी में है।
तीसरे प्रत्याशी से सभी को सरप्राइज करने की बात कहने वाली समाजवादी पार्टी ने बुधवार को अपने दूसरे प्रत्याशी के नाम से ही चौंका दिया। पार्टी ने प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के साथ गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परंतु गुजरात से गहरे संपर्क वाले धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी घोषित किया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साथ जाकर उनका नामांकन दाखिल कराया। प्रत्याशी के रूप में रामगोपाल यादव का नाम पहले से फाइनल बताया जा रहा है, परंतु धनराज नथवानी का नाम अप्रत्याशित रहा। वह रिलायंस ग्रुप से जुड़े है और उद्योगपति एवं राज्यसभा सदस्य परिमल नथवानी के पुत्र हैं। इसमें यह भी दिलचस्प है कि उनके पिता को इसी साल एनडीए ने समर्थन देखकर राज्यसभा पहुंचाया था। वहीं अभी सपा का तीसरा प्रत्याशी घोषित करने और उसके नाम से भी चकित करने का दावा बरकरार है।
तीसरे प्रत्याशी की चर्चा अभी जिंदा
समाजवादी पार्टी ने तीसरे प्रत्याशी की चर्चाओं को अभी जिंदा रखा है। नामांकन के दौरान सपा नेताओं की ओर से कहा गया कि अभी तीसरा प्रत्याशी भी घोषित किया जाएगा और वह भी अप्रत्याशित होगा। हालांकि अब दूसरे प्रत्याशी के रूप में धनराज का नाम सामने आने के बाद आलोक रंजन के नाम की चर्चाएं थोड़ी कमजोर हो गई हैं।
जिसकी संख्या ज्यादा है उसे मौका मिलना चाहिए
तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार होने के सवाल पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि क्यों नहीं होगा। लोकतंत्र में नियत तो ये होनी चाहिए कि जिसकी संख्या ज्यादा है उसे मौका मिलना चाहिए। लोकतंत्र की व्यवस्था यही है। पिछली बार हार का कारण सभी को पता है। हम तो बहुत लोगों को कह रहे हैं कि पुराना अगर धुलना है तो ये अच्छा मौका है। लोकतंत्र में बेईमानी नहीं होनी चाहिए। पिछली बार अगर भाजपा ने बेईमानी नहीं की होती तो सपा के तीन लोग राज्यसभा में जाते।
चुनाव की घोषणा के बाद से ही कयासों का दौर
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को लेकर चुनाव की घोषणा के बाद से ही कयासों का दौर चल रहा है। आठवीं बार उच्च सदन में जाने के लिए नामांकन करने वाले रामगोपाल यादव को छोड़कर बाकी दो प्रत्याशियों के लिए पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन, पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी के नाम की चर्चाएं थीं। सपा ने दूसरे प्रत्याशी के तौर पर धनराज नथवानी का नाम घोषित कर ही राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दे दी। सपा इस चौंकाने वाले फैसले के बाद अब एक और सरप्राइज की तैयारी में है।
गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष
धनराज, रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की और नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट से कारपोरेट ला और पब्लिक रिलेशन मैनेजमेंट में एमबीए किया है। खेल, वन्यजीव, पर्यटन और सामाजिक कार्यों में भी उनकी सक्रियता रही है। सपा की ओर से अब तक राज्यसभा में पार्टी के चेहरे सामान्यतः संगठन, आंदोलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व या राजनीतिक अनुभव से जुड़े रहे हैं।
राजनीतिक कयासों को भी हवा
धनराज नथवानी के जरिये समाजवादी पार्टी ने कारपोरेट जगत, खेल संस्थाओं और सामाजिक क्षेत्र में नेटवर्क रखने वाले चेहरे को संसद भेजने का रास्ता तो चुना ही है, इसके साथ राजनीतिक कयासों को भी हवा दे दी है। धनराज के पिता परिमल नथवानी इस वर्ष झारखंड से चौथी बार राज्यसभा पहुंचे हैं। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में निदेशक (कारपोरेट अफेयर्स) रहे हैं और पहले झारखंड से दो बार और आंध्र प्रदेश से एक कार्यकाल राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं।
इसी साल जून में वह एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में झारखंड से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। ऐसे में धनराज को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उनके गुजरात और अंबानी गुप के साथ पिता के माध्यम से एनडीए कनेक्शन को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सपा की तरफ अब तक उनके चयन का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
