1 लाख शेयर पूंजी से खड़ा किया होम्योपैथिक दवाओं का कारोबार, लखनऊ के उद्यमी की कहानी
रितेश श्रीवास्तव ने अपने पिता डॉ. केके श्रीवास्तव द्वारा 1984 में स्थापित सैलेक्स केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के होम्योपैथिक दवा कारोबार को संभाला और नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
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HighLights
पिता डॉ. केके श्रीवास्तव ने 1984 में सैलेक्स केमिकल्स की स्थापना की।
रितेश श्रीवास्तव ने पिता के होम्योपैथिक कारोबार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
कंपनी ISO, GMP प्रमाणित, गुणवत्तापूर्ण दवाओं का उत्पादन करती है।
अंशू दीक्षित, लखनऊ। उद्यमी रितेश श्रीवास्तव ने कभी नहीं सोचा था कि पिता डा. केके श्रीवास्तव द्वारा शुरू किए गए व्यापार को संभालेंगे। पिता डाक्टर थे, उन्होंने वर्ष 1984 में एक लाख रुपये की शेयर पूंजी से सैलेक्स केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड की यात्रा शुरू की थी।
खट्टे मीठे अनुभव से शुरू हुई यात्रा में तमाम उतार चढ़ाव आए। पिता ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। राजधानी से शुरू हुआ होम्योपैथिक दवाओं के कारोबार ने औद्योगिक क्षेत्र की दुनिया में एक पहचान बनाई।
पिता का उद्देश्य था कि किफायती कीमत पर आम लोगों तक गुणवत्तापरक होम्योपैथिक दवाओं को पहुंचाया जाए। शुरुआत से ही गुणवत्ता और उचित मूल्य कंपनी के व्यावसायिक दृष्टिकोण के प्रमुख आधार रहे हैं। करीब 16 साल बाद यानी वर्ष 2000 में प्रबंधन की पढ़ाई करने के बाद कुछ ऐसी स्थितियां बनीं, जिससे पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का मौका रितेश को मिल गया।
सरोजिनी नगर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अपनी विनिर्माण इकाई के माध्यम से कंपनी विभिन्न श्रेणियों के होम्योपैथिक उत्पादों का निर्माण कर रही है। दर्जनों लोगों को रोजगार देने के साथ ही कंपनी आज भी पिता द्वारा बताए गए सिद्धांतों पर काम कर रही है।
रितेश की सैलैक्स केमिकल्स के उत्पाद पोर्टफोलियो में होम्योपैथिक मदर टिंचर, डायल्यूशन, सिरप, टानिक और बायोकेमिक दवाओं की यूपी सहित देश के कई राज्यों में मांग है। पिछले 26 सालों से कंपनी को आगे बढ़ाने में नई नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रितेश ने कंपनी के उसूलों से समझौता नहीं किया।
इसका परिणाम यह हुआ कि कंपनी आइएसओ और गुड मैन्यूफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) के बल पर पिछले 42 वर्षों से इन दवाओं पर लोगों का विश्वास बना हुआ है। होम्योपैथी के संस्थापक डा. सैमुअल हैनीमैन के सिद्धांतों से प्रेरित होकर वर्ष 1984 में खोली गई कंपनी, आज भी चिकित्सा पद्धति के अनुरूप उत्पादों के निर्माण और अपने उत्पाद पोर्टफोलियो के विकास पर काम कर रही है।
उत्तर भारत में किया वितरण नेटवर्क का विस्तार
आज ढाई दशक के सफर में रितेश ने कंपनी को नई ऊंचाई पर पहुंचाने का न सिर्फ काम किया है, बल्कि संपूर्ण उत्तर भारत में वितरण नेटवर्क के विस्तार, होम्योपैथिक चिकित्सकों और वितरकों के साथ व्यावसायिक संबंधों को एक मुकाम पर पहुंचा दिया है।
आज डॉ. केके श्रीवास्तव द्वारा शुरू की गई कंपनी आयुष विभाग से संबंधित आपूर्ति कार्यों में भी अपनी भागीदारी कर रही है। वर्तमान में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आइआइए) की आयुष सब-कमेटी के चेयरमैन होने के साथ ही लघु उद्योग भारती, लखनऊ इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष और सरोजिनी नगर औद्योगिक क्षेत्र निर्माता एसोसिएशन के पूर्व महासचिव भी रह चुके हैं।
