लखनऊ, जेएनएन। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पर जोर दे रही है। इसी क्रम में सरकार ने गाजियाबाद में 70 लाख का गबन करने के आरोप में फरार इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान पर ईनाम घोषित किया है।

लिंक रोड थाना की इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह तथा उनके साथ फरार छह अन्य पुलिसकर्मियों पर 25-25 हजार रुपया ईनाम घोषित किया है। इस दौरान गबन की आरोपी लक्ष्मी सिंह की जिला अदालत तथा इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। इसके साथ ही अदालत से कुर्की का आदेश मिलने के बाद पुलिस ने उनके आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया है।

इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान तथा उनके साथी पुलिसकर्मियों ने बदमाशों से लूट की बरामद रकम में से 70 लाख रुपये डकार लिया है। इसके बाद यह सभी लोग करीब एक माह से अधिक समय से फरार हैं। इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान सहित सभी अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर बने हुए हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए लक्ष्मी चौहान समेत सभी पुलिस कर्मियों ने बीते दिनों पहले भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट मेरठ और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी। इन सभी आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

गाजियाबाद में साहिबाबाद साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र में सीएमएस इंफो सिस्टम कंपनी एटीएम में कैश डालने का काम करती है। कंपनी ने 22 अप्रैल को लिंक रोड थाने में कंपनी के कैश कस्टोडियन एजेंट राजीव सचान के खिलाफ करीब 72.50 लाख रुपये गबन का मामला दर्ज कराया था। जांच में मामला साढ़े तीन करोड़ रुपये के गबन का निकला। इसमें पुलिस ने 24 सितंबर की रात राजीव सचान को साथी आमिर के साथ गिरफ्तार कर उनसे 1.15 करोड़ रुपये बरामद कर किया। इसके बाद धनराशि को सिर्फ 45 लाख 81 हजार 500 रुपये की बरामदगी ही दिखाई गई। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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