लखनऊ, राज्य ब्यूरो। परिषदीय स्कूलों में गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए अब सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन बनाया जाएगा। इनकी अधिकतम आयु 70 वर्ष निर्धारित की गई है। प्राथमिक स्कूल, उच्च प्राथमिक स्कूल और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के वो शिक्षक जिनके पास शिक्षण कार्य का पांच वर्ष का अनुभव होगा उन्हें इस पद पर तैनात किया जाएगा।

ये रिसोर्स पर्सन विद्यांजलि योजना के तहत शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करेंगे। विद्यालयों में तय मानक के अनुसार विद्यार्थियों के ज्ञान के स्तर में सुधार करने के लिए यह कार्य करेंगे। प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा दीपक कुमार की ओर से एकेडमिक रिसोर्स पर्सन के चयन के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।

इन शिक्षकों को विद्यालयों में भ्रमण करने के लिए 2,500 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। शैक्षिक सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के लिए एकेडमिक रिसोर्स पर्सन चुनने राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी। जिलों में चयन समिति के माध्यम से इन शिक्षकों को चुना जाएगा। एकेडमिक रिसोर्स पर्सन का कार्यकाल एक वर्ष होगा और आगे इनके द्वारा किए गए कार्य का मूल्यांकन कर जनपदीय चयन समिति नवीनीकरण करेगी।

यह हर महीने की 28 तारीख को अपने अगले महीने की कार्ययोजना व भ्रमण कार्यक्रम जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) के माध्यम से बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य को देंगे। हर महीने प्रेरणा एप के माध्यम से न्यूनतम 30 विद्यालयों की आनलाइन रिपोर्ट देंगे।

Edited By: Prabhapunj Mishra

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