लखनऊ, राज्य ब्यूरो। Mukhtar Ansari News माफिया मुख्तार अंसारी को दो मामलों में सजा सुनाए जाने के बाद अभियोजन ने उसके विरुद्ध विचाराधीन अन्य मामलों में पैरवी तेज की है। इसी कड़ी में लगभग 30 वर्ष पुराने धोखाधड़ी के मुकदमे में अभियोजन निदेशालय ने गवाह गाजीपुर के तत्कालीन एसडीएम रामलखन सिंह (अब सेवानिवृत्त) को खोज निकाला है, जिन्हें जल्द कोर्ट में पेश किया जाएगा।

1990 में दर्ज हुई थी एफआइआर

  • फर्जी दस्तावेजों की मदद से शस्त्र लाइसेंस किए जाने के इस मामले में गाजीपुर में वर्ष 1990 में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। मामले में गाजीपुर के तत्कालीन एडीएम रवीन्द्र नाथ दुबे भी गवाह थे, लेकिन उनकी मृत्यु हो चुकी है।
  • तत्कालीन एडीएम व एसडीएम की गवाही कराने के लिए दोनों की काफी समय से तलाश कराई जा रही थी। सेवानिवृत्त होने के चलते दोनों अधिकारियों के वर्तमान पतों की जानकारी नहीं हो पा रही थी।
  • अब अभियोजन रामलखन सिंह से संपर्क करने में कामयाब हुआ है। मुख्तार अंसारी के विरुद्ध यह मुकदमा वाराणसी की एमपीएमएलए कोर्ट में विचाराधीन है।

तीन अक्टूबर को होगी इस मामले पर सुनवाई

इस मामले में गाजीपुर के तत्कालीन डीएम आलोक रंजन (अब सेवानिवृत्त) के बयान भी हो चुके हैं। अभियोजन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मामले में तीन अक्टूबर को अगली तारीख लगी है, जिसमें मुकदमे के वादी तथा वाराणसी के तत्कालीन सीबीसीआइडी के सेक्टर प्रभारी अशफाक अहमद को कोर्ट में पेश होना है।

उनसे विपक्ष के वकील जिरह करेंगे। अभियोजन विभाग इसके अलावा अन्य विचाराधीन मुकदमों को लेकर भी पूरा ब्योरा जुटाया है और संबंधित जिलों के अभियोजन अधिकारियों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए विस्तृत निर्देश दिए गए हैं।

Edited By: Prabhapunj Mishra

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट