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'पाकिस्तान से आए 2.50 करोड़, पुलवामा हमले में भी तुम्हारा नाम', CBI का अफसर बन रिटायर्ड अधिकारी से ऐंठी मोटी रकम

Published: Sat, 12 Sep 2026 06:47 PM (IST)Updated: Sat, 12 Sep 2026 06:53 PM (IST)

लखनऊ में साइबर जालसाजों ने एक सेवानिवृत्त क्षेत्रीय प्रबंधक को सात दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर पुलवामा आतंकी हमले में ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. सेवानिवृत्त क्षेत्रीय प्रबंधक से साइबर जालसाजी द्वारा 19 लाख ठगे गए।

  2. जालसाजों ने पुलवामा आतंकी हमले में फंसाने की धमकी दी।

  3. पीड़ित को सात दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर पैसे ऐंठे गए।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। साइबर जालसाजों ने राजाजीपुरम में रहने वाले परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त क्षेत्रीय प्रबंधक को सात दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। उनके खाते में पाकिस्तान से 2.50 करोड़ रुपये आने और पुलवामा आतंकी हमले के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 19 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने मामले की साइबर सेल और पुलिस से शिकायत की।

एफआईआर के मुताबिक, जालसाजों ने एक सितंबर को पीड़ित बैकुंठ नाथ मिश्र को फोन कर बताया गया कि उनके आधार नंबर का इस्तेमाल कर मुंबई से सिम खरीदा गया और उससे बैंक खाता खोलकर मनी लांड्रिंग की गई। जालसाज ने दावा किया कि उक्त खाते में पाकिस्तान से 2.50 करोड़ रुपये आए हैं और 25 लाख रुपये कमीशन लिया गया है।

पुलवामा आतंकी घटना से जुड़े एक आतंकवादी के पकड़े जाने और उसके माध्यम से उनका नाम सामने आया है। इसके बाद आरोपितों ने पुलिस की वर्दी में वीडियो काल कर डराया।

एफडी तोड़वाकर नौ लाख भेज

पुलिस महानिदेशक और सीबीआइ अधिकारी बताकर वीडियो काल की और जांच में सहयोग के नाम पर नौ लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। पीड़ित ने सवाधि जमा यानी एफडी तोड़वाकर नौ लाख रुपये भेज दिए।

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इसके बाद पोस्ट आफिस की पांच लाख रुपये की मासिक आय योजना यानी एमआइएस तोड़वाकर और पांच लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर किए।

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बाद में जालसाजों का फोन नहीं आया तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। साइबर क्राइम थाने में 11 सितंबर को मुकदमा दर्ज हुआ।