विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अपराधियों पर नकेल कसने वाले राजेश पाण्डेय लखनऊ में हनुमान मंदिर के हैं महासचिव, सीईओ पद की भी थी दावेदारी

Published: Wed, 02 Sep 2026 07:33 PM (IST)

Ex IPS Officer Rajesh Pandey : पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था का लंबा अनुभव होने की वजह से उनका नाम श्रीराम ...और पढ़ें

सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय

सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय 

HighLights

  1. उत्तर प्रदेश में एसटीएस की प्रारंभिक टीम के सदस्य रहे सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी

  2. पीपीएस से आईपीएस बने राजेश पाण्डेय देख रहे यूपी एक्सप्रेसव की सुरक्षा

  3. राजेश पाण्डेय फिलहाल लखनऊ में पुराने हनुमान मंदिर के महासचिव

डिजिटल डेस्क, अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का चयन हो गया। चयन समिति ने सीईओ के पद के लिए तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा गया और ट्रस्ट ने आज सेवानिवृत एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा को सीईओ घोषित कर दिया। उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय भी इस पद के दावदारों में थे।

तीन नामों के पैनल ने 5585 लोगों के बीच तीन पूर्व अधिकारियों के नाम में राजेश पाण्डेय का नाम चर्चा में था। मूल रूप से प्रयागराज के पाण्डेय उत्तर प्रदेश कैडर के 2003 बैच के IPS अधिकारी रहे हैं। भारतीय पुलिस सेवा में आने से पहले वह उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक DSP के पद पर तैनात हुए थे। राजेश पाण्डेय ने यूपी पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) के साथ सुरक्षा सलाहकार के तौर पर काम कर रहे हैं। 

राज्य की पुलिस व्यवस्था में मोबाइल फोन ट्रैकिंग प्रणाली की शुरुआत करने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। उन्होंने 2005 के अयोध्या आतंकी हमले, 2006 के वाराणसी दशाश्वमेध घाट धमाके और लखनऊ-फैजाबाद कोर्ट ब्लास्ट जैसे कई बड़े और हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है।

यूपी STF और ATS में लंबे समय तक रहे राजेश पाण्डेय मेरठ, रायबरेली, लखनऊ और गाजियाबाद के एसएसपी भी रहे। उनका नाम तेज-तर्रार अधिकारियों में रहा और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर भी जाना जाता है। राजेश पाण्डेय आईजी इलेक्शन सेल के पद से 30 जून 2021 को रिटायर हुए थे। पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था का लंबा अनुभव होने की वजह से उनका नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट CEO पद के लिए मजबूत दावेदारों में था।

पूर्व आईपीएस अफसर राजेश पाण्डेय फिलहाल लखनऊ में पुराने हनुमान मंदिर के महासचिव हैं। उनकी नियुक्ति इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश पर हुई है। इसके साथ ही यूपीईडा में वह मुख्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में भी तैनात हैं। यूपीईडा की सुरक्षा की कमान उनके पास है। यूपी पुलिस के तेज-तर्रार और ईमानदार छवि वाले सुपरकॉप्स के पास कमान संभालने और नेतृत्व करने का लंबा प्रशासनिक अनुभव हासिल है। वह पुलिस सेवा में 80 से अधिक एनकाउंटर में शामिल रहे हैं। इनमें एक दुर्दांत श्रीप्रकाश शुक्ला भी था।

पैनल ने ट्रस्ट को सौंपा था नाम

सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. चतुर्वेदी और पूर्व परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े की तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने देशभर से आए 5,585 आवेदनों की गहन स्क्रूटनी के बाद तीन शीर्ष योग्य अभ्यर्थियों का एक अंतिम पैनल तैयार कर मंगलवार को ट्रस्ट को सौंपा।