लखनऊ, जेएनएन। Rehearsal of Republic day parade 2020:  ऐ वतन-वतन मेरे आबाद रहे तू, मैं जहां रहूं, जहां में याद रहे तू। ऐ वतन-मेरे वतन...। देशभक्ति गीतों के साथ कदमताल कर रहे सैना, पुलिस व स्कूली बच्चों ने देश की सुरक्षा व शौर्य संग पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है। ठीक उससे दो दिन पहले शुक्रवार को गणतंत्र दिवस से पूर्व फुल ड्रेस रिहर्सल में देश की सरहदों पर सुरक्षा के लिए तैनात टैंक डी-90 भीष्मा संग 105/37 एमएम लाईट फील्ड गन ने दर्शकों का जोश बढ़ा दिया। वहीं, नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर, इंटिग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल मल्टी-परपज प्लेट फार्म, एकीकृत संचार वाहन ने सेना व इंटीलिजेंस की खूफिया ताकत का एहसास कराया।

परेड में नौ राजपूत रेजीमेंट, चार डोगरा रेजीमेंट, 16 जाट रेजीमेंट, केंद्रीय रिर्जव पुलिस बल व सशस्त्र सीमा बल सहित कुल 33 टुकडिय़ां शामिल रहीं। वहीं, विधानसभा के सामने बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम कर प्रदेश की मिट्टी की सुगंध बिखेरी। सुबह नौ बजे। चारबाग स्थित बाल विद्या मंदिर से परेड शुरू हुई। सबसे आगे डी-90 भीष्मा टैंक चल रहा था, जिसकी अगुवाई चीन-पाकिस्तान युद्ध के मेजर वात्सल्य तिवारी कर रहे थे। टैंक के पीछे आईसीबी-बीएमपी-टू को लेकर सूबेदार बलिराम सिंह चल रहे थे। इसके बाद एमएम लाईट मशीन, लाईट मशीन गन व नेटवर्क ऑपरेशन सिस्टम साथ-साथ था। फिर, यूपी पुलिस, 35 पीएसी बटालियन, एटीएस कमांडो दस्ता, राजस्थान आम्र्स कांटेविलरी, यूपी होमगार्ड, एनसीसी, नागरिक सुरक्षा संगठन, सैनिक स्कूल व होमगार्ड सहित शहर के कई स्कूली बैंड देशभक्ति गीतों की धुन पर कदमताल करते आगे बढ़ रहे थे। सेना के जवान हो या स्कूली बच्चे। परेड में शामिल हर किसी का जज्बा देखते ही बन रहा था। परेड अपने निर्धारित मार्ग, चारबाग से हुसैनगंज, विधानसभा, हजरतगंज चौराहा होते हुए करीब दोपहर 12 बजे केडी सिंह स्टेडियम पहुंची।

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रास्तेभर परेड के इंतजार में लोगों ने बढ़ाया जोश

देश भक्ति की धुनों के साथ परेड में जवान और बच्चे कदम ताल करते हुए जिस मार्ग से निकले वहां लोगों की भीड़ जुट गई। सड़क की दूसरी पट्टी पर खड़े लोगों और घरों व अपने प्रतिष्ठानों की छत से परेड देख रहे लोगों ने तालियां बजाकर परेड का स्वागत किया। दर्शकों की इन तालियों ने परेड में शामिल जवानों और बच्चों में जज्बा भरा।

एटीएस कमांडो की फाइटर टीम ने लोगों को किया आकर्षित

परेड में अत्याधुनिक हथियारों से लैस एटीएस (एंडी टेररिस्ट स्क्वायड) के कमांडों काली वर्दी में अलग ही दिख रहे थे। परेड में शामिल इस फाइटर टीम के कमांडर एसआइ मनीष कुमार सबसे आगे कदम से कदम मिला रहे थे। किसी ने दिया स्वच्छ भारत का संदेश तो किसी ने प्रस्तुत किया पर्यावरण नृत्य बाल निकुंज गल्र्स एकेडमी के बच्चे परेड में जो बैनर और पोस्टर लिए थे। वह स्वच्छ भारत मिशन का संदेश दे रहे थे। इसके अलावा लखनऊ पब्लिक कॉलेज विनम्र खंड गोमतीनगर के बच्चों  न पर्यावरण पर अदभुत नृत्य की प्रस्तुति दी। यह देख सभी दर्शकों का मन प्रफुल्लवित हो उठा।

हिंदुस्तान घर में घुसेगा भी और मारेगा भी...

हिंदुस्तान घर में घुसेगा भी और मारेगा भी...। गीत के माध्यम से इरम पब्लिक कॉलेज के बच्चों ने भारत के शूर्यवीरों पर ड्रिल की। परेड जब विधानसभा के सामने पहुंची, तो सभी टुकडिय़ों ने अपनी-अपनी प्रस्तुति दी। रामेश्वर इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने पंजाबी लोक नृत्य कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद बाल निकुंज स्कूल के बच्चों ने नमामि गंगे, लखनऊ पब्लिक कॉलेज के बच्चों ने पर्यावरण, बाल विद्या मंदिर के बच्चों ने प्लास्टिक हटाओ-पर्यावरण बचाओ, सीएमएस के बच्चों ने स्वच्छता की ज्योति जगी रे गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति देकर लोगों को पर्यावरण सरंक्षण का संदेश दिया। वहीं, महिला सुरक्षा 112पीआरवी, घुड़सवार दल, श्वान दल, फायर सर्विस और एंबुलेंस ने परेड में हिस्सा लिया।  

स्नाइपर्स कमांडो रहे आकर्षण का केंद्र

परेड में स्नाइपर्स कमांडो आकर्षण का केंद्र बने रहे। लोगों में कमांडो की टुकड़ी फोटो व वीडियों का उत्साह देखते रही बन रहा था। स्नाइपर्स कमांडो विशेष ऑपरेशन में लगाए जाते हैं। यह बेहद फुर्तीले होते हैं और इन्हें देश और विदेशों में कड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है। इनका मुख्य काम आतंकियों के मंसूबों को नेस्तनाबूद करना होता है। वहीं, समूह में अटैक करने वाले क्लस्टर फाइटर ने भी लोगों का ध्यान खींचा। यह हलके अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते हैं। अपनी टुकड़ी के साथ योजनाबद्ध तरीके से दुश्मन पर हमला करते हैं।  

बता दें, गणतंत्र दिवस के रिहर्सल का आज तीसरा दिन रहा है। इससे पहले 22 और 23 को जवानों ने सड़कों पर उतर अपनी ताकत से रूबरू कराया था। इस दौरान बच्‍चों ने एक तरफ भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का शौर्य दिखाया। वहीं, दूसरी ओर सेना के आधुनिक टी-90 टैंक (भीष्म), 122 एमएम लाइट फील्ड गन ने सेना की ताकत दिखाई थी। वहीं, अव्‍यवस्‍था का दौर भी बादस्‍तूर जारी दिखा। वाल्मीकि मार्ग तिराहे व केडी सिंह स्टेडियम के पास पहुंचते ही तारों के मकड़जाल ने परेड की रफ्तार रोक दी। टैंक और सेना की गाड़ियों पर बैठे जवानों को डंडे का सहारा लेना पड़ा। तारों को ऊंचा कर परेड आगे बढ़ सकी।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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