यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रियलिटी चेक: संभलकर चलें, यहा भी गढ्डों का आतंक
फूंक-फूंक कर रखने पड़ते हैं कदम। गढ्डों की पड़ताल की तो दिखा ऐसा हाल कि आप भी रह जांए हैरान।

लखनऊ(जागरण संवाददाता)। राजधानी के गोमती नगर सहारा अस्पताल से भरवारा रोड पर भी गढ्डे खतरनाक बन चुके हैं। इतने गहरे गढ्डे हैं कि जरा सा चूके तो गिरना तय है। रिक्शे तो इस सड़क पर चलते ही नहीं हैं। वैन से स्कूल जाने वाले विधू रंजन सिंह कहते हैं कि संभल का बैठना पड़ता है। सड़क पर इतने गहरे गढ्डे हैं कि बच्चे वैन में ही एक दूसरे पर गिर पड़ते हैं। लखनऊ में सड़कों का यह हाल भरवारा का ही नहीं है बल्कि अन्य जगह भी सड़क पर गढ्डे इंतजार करते रहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी सड़कों के गढ्डों की तुलना किसी आतंकी हमले से की है। दैनिक जागरण ने शहर के गढ्डों की पड़ताल की तो दिखा ऐसा हाल कि आप भी रह जांए हैरान।
गढ्डें हैं या मौत का कुंआ
इंदिरानगर के तकरोही से दीनदयालपुरम मार्ग पर गहरे गढ्डों में अब बारिश का पानी भर गया है। दो पहिया वाहन चालक तो अनजाने में गिर पड़ते हैं। स्थानीय निवासी अनुज कहते हैं कि आए दिन वाहन समेत लोग गढ्डों में गिरकर चोट खा रहे हैं, लेकिन उसे ठीक नहीं किया जा रहा है। तकरोही निवासी विजय कुमार गुप्ता कहते हैं कि सड़क पर गढ्डे होने के कारण लोगों का चलना मुश्किल हो गया है और शाम बाद तो दुर्घटना की आशका बढ़ जाती है, जब सड़क पर रोशनी नहीं होती है। फूंक-फूंक कर रखें कदम:
कानपुर रोड बदाली खेड़ा में घुसते ही गढ्डों से सामना हो जाएगा। हर कोई बचकर यहा से निकलता है। बदाली खेड़ा निवासी अभिषेक कहते हैं कि कई साल से सड़क में गढ्डे हैं और हर किसी को संभल-संभल कर चलना पड़ता है। मैनहोल में गिरे साइकिल सवार बुजुर्ग
आलमबाग के चित्रगुप्तनगर में मैनहोल में साइकिल सवार बुजुर्ग परमेश्वर (70) शनिवार को गिरकर घायल हो गए। उनके पैर और हाथों में चोटें आई हैं। आसपास के निवासियों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया और पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहा प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। चित्रगुप्तनगर आवासीय समिति के महासचिव राजीव सक्सेना का कहना है कि समिति के अध्यक्ष पीडी सावंत के साथ समिति के लोगों ने महापौर संयुक्ता भाटिया से भी मैनहोल दुरुस्त कराने की अपील की गई थी। कार भी गढ्डे में फंस गई। तकरोही के दीनदयाल पुरम का हाल ' जागरण