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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में 10 क्विंटल फूलों से सज्जित होगा रामलला का गर्भगृह, भूमि पूजन पर बिखरेगी गेंदा-गुलाब की खुशबू

By Vrinda SrivastavaEdited By:
Published: Sun, 29 May 2022 08:13 AM (GMT+05:30)Updated: Mon, 30 May 2022 07:16 AM (GMT+05:30)

Ayodhya Ram Mandir भूमि पूजन के अहम अवसर पर रामलला के दोनों गर्भ गृह 10 क्विंटल से अधिक फूल से ...और पढ़ें

Ayodhya Ram Mandir: 10 क्विंटल फूल से सज्जित होगा रामलला का गर्भगृह।
Ayodhya Ram Mandir: 10 क्विंटल फूल से सज्जित होगा रामलला का गर्भगृह।

अयोध्या, संवादसूत्र। भूमि पूजन के अहम अवसर पर रामलला के दोनों गर्भ गृह 10 क्विंटल से अधिक फूल से सज्जित किए जाएंगे। इस अवसर की अहमियत के अनुरूप अविस्मरणीय बनाने की तैयारी है। इसी क्रम में न केवल वैकल्पिक गर्भ गृह में विराजमान रामलला को फूल-बंगला से सज्जित किए जाने की योजना है, बल्कि गर्भगृह की जिस मूल भूमि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक जून को पूजन करेंगे, उसे भी पूरी भव्यता से सज्जित किया जाएगा।

इसके लिए रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उन्हीं आशीष मिश्र और उनकी टीम को जिम्मेदारी सौंपी है, जो ऐसे मौकों पर विशेष साज-सज्जा के लिए जाने जाते हैं। वह जो दीपोत्सव का आयोजन कराने के साथ पांच जून 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों राम मंदिर के भूमि पूजन के अवसर तथा गत वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के आगमन के अवसर पर रामलला का गर्भगृह फूलों से सुशोभित करा चुके हैं और इसके लिए उन्हें प्रशंसा भी मिलती रही है।

आशीष मिश्र बताते हैं कि पूर्व के अवसरों की तरह इस बार भी रामलला का गर्भ गृह और मूल जन्मभूमि गेंदा, लाल एवं हल्का गुलाबी गुलाब, सफेद एवं बैंगनी डहेलिया, नीला शंख पुष्प आदि पुष्पों से सज्जित किया जाएगा और इन सभी प्रजाति के सवा-सवा क्विंटल फूल आयात करने का आर्डर दिया गया है। डहेलिया के फूल तो कोलकाता से आयात किए जा रहे हैं।

पांच दिवसीय सर्व देवात्मक अनुष्ठान शुरू : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला के गर्भगृह का भूमि पूजन बुधवार को पूर्वाह्न करेंगे, लेकिन भूमि पूजन के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय सर्व देवात्मक अनुष्ठान शनिवार को पूर्वाह्न से ही शुरू हो गया। इस विशेष अनुष्ठान के तहत रुद्री, दुर्गा सप्तशती, विष्णु सहस्रनाम और चतुर्वेद के पाठ सहित रामार्चा पूजन एवं रुद्राभिषेक संयोजित है।

अनुष्ठान को पूर्ण कराने के लिए राजस्थान से पंडित हितेश अवस्थी, सिद्धार्थनगर से उमेश ओझा, बंगाल से लीलाराम गौतम, दिल्ली के पवन शुक्ला, वाराणसी के रामजी मिश्रा, अयोध्या के आचार्य इंद्रदेव, दुर्गा प्रसाद गौतम, नारद भट्टाराई, शिवशंकर, रघुनाथदास शास्त्री सहित 40 चुनिंदा वैदिक आचार्य शामिल हैं। अनुष्ठान के प्रथम सत्र में महापौर रिषिकेश उपाध्याय एवं उनकी पत्नी वंदना उपाध्याय तथा आचार्य पीठ तिवारी मंदिर के महंत गिरीशपति त्रिपाठी एवं उनकी पत्नी राजलक्ष्मी त्रिपाठी मुख्य यजमान के रूप में मौजूद रहे।

एक जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनााथ गर्भगृह के भूमि पूजन से अनुष्ठान की पूर्णाहुति करेंगे। अनुष्ठान की शुरुआत शोडषोपचार पूजन और शुक्ल यजुर्वेद के पाठ तथा हवन कुंड में यज्ञाहुति से हुई। सर्वदेवात्मक अनुष्ठान गर्भगृह निर्माण में विघ्ननाश के साथ राष्ट्र मंगल की कामना से संयोजित है। इस मौके पर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।