विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चंपत राय की निष्ठा पर सवाल नहीं, निगरानी में कमी; राम मंदिर के बेईमानों के वंश को लगेगा श्राप : नृपेंद्र मिश्रा

Published: Fri, 19 Jun 2026 05:30 AM (IST)Updated: Fri, 19 Jun 2026 06:48 AM (IST)

श्रीराम जन्मभूमि निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर दानपात्र गबन प्रकरण को जमीन खरीद विवाद से भी ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर दानपात्र गबन को गंभीर बताया।

  2. चंपत राय की निष्ठा पर सवाल नहीं, निगरानी में कमी स्वीकार की।

  3. निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और प्रबंधन में सुधारों पर जोर दिया।

जागरण टीम, लखनऊ। राम मंदिर के दानपात्र से धनराशि गबन प्रकरण के बीच श्रीराम जन्मभूमि निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की ईमानदारी तथा निष्ठा पर शंका का सवाल नहीं है लेकिन यह भी सच है कि निगरानी में कमी अवश्य हुई है। रामभक्तों के सामने सच लाने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधार जरूरी हैं।एक मीडिया संस्थान से बातचीत में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि यह मामला जमीन खरीद विवाद से भी अधिक गंभीर है।

जमीन खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। वह घटना एक चेतावनी थी कि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और नियंत्रण नहीं होगा तो कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। राम मंदिर में बेईमानी करने वालों की सात पीढ़ियों को श्राप लगेगा, वह भगवान के साथ ही भक्तों के भी अपराधी हैं। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि चढ़ावे में चोरी कब से हो रही थी, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

अनुमान लगाना उचित नहीं

इस संबंध में अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दान का विवरण जुटाया गया है, जिसमें कई महीनों में चार से दस करोड़ तक चढ़ावा आने की जानकारी मिली है। दान और चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता होनी चाहिए। रोजाना का लेखा-जोखा सार्वजनिक रूप से वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

साथ ही चढ़ावे की गणना और उससे जुड़े कार्यों में बैंक की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि गिनती और लेखा-प्रक्रिया की जिम्मेदारी उसी के पास है। मिश्रा ने कहा कि जांच कर रही एसआइटी हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है और अलग-अलग लोगों से पूछताछ की जा रही है।

किसी प्रकार की लीपापोती संभव नहीं

ट्रस्ट की ओर से किसी प्रकार की लीपापोती संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सुधार के लिए हर स्तर पर कदम उठाने होंगे। मंदिर प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया जाना चाहिए, जो ट्रस्ट के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्था को और प्रभावी बनाए।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे में बेईमानी करने वालों के प्रति समाज में स्वाभाविक आक्रोश है। श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।