लखनऊ (जेएनएन)। अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने अब उनका भरोसा तोड़ दिया है। इसके इतर अखिलेश यादव का भरोसा पूर्व मंत्री आजम खां पर अधिक बढ़ गया है।

प्रदेश में 23 मार्च को राज्यसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी की मदद से मैदान में उतरे बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर की हार के बाद से ही निर्दलीय विधायक राजा भैया पर अखिलेश यादव का संदेह गहरा गया था। इस चुनाव में राजा भैया की भूमिका को लेकर बड़े सवाल उठे। राजा भैया ने अखिलेश यादव को समर्थन का वादा किया फिर वोटिंग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। मतदान के दौरान राजा भैया ने समाजवादी पार्टी के समर्थन का ऐलान किया। उन्होंने साफ कहा था कि वह बसपा के साथ नहीं हैं। जिसके बाद अखिलेश यादव ने समर्थन के लिए ट्वीट कर उनका शुक्रिया भी अदा किया था।

चुनावी नतीजे में प्रत्याशी की हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजा भैया को लेकर निशाना साधा था और कहा था कि अखिलेश यादव राजा भैया के जाल में फंस गए जिसके तुरंत बाद अखिलेश यादव ने राजा भैया को लेकर किया गया अपना ट्वीट भी हटा लिया। ट्वीट हटाने पर आज अखिलेश यादव ने सफाई दी कि यह एक भावना होती है। उन्होंने कहा कि हमें राजा भैया के बारे में कुछ नहीं कहना है, उन्हें खुद सोचना चाहिए कि उन्होंने क्या किया। लगता नहीं है कि वो हमारे साथ हैं।

समाजवादी पार्टी कार्यालय में आज अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राजा भैया के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने साफ कहा कि लगता है कि वह अब हमारे साथ नहीं है। अखिलेश यादव ने कुंडा के सीओ जिया उल हक की हत्या के बाद राजा भैया को अपनी कैबिनेट से बाहर कर दिया था। इसके बाद फिर उनको अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। इतना हीं नहीं राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने राजा भैया को धन्यवाद का ट्वीट भी किया था। इसके बाद संदेह होने पर उन्होंने उस ट्वीट को हटा लिया था।

लखनऊ में आज अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता में एक पत्रकार ने अखिलेश से कुंडा के बाहुबली विधायक राजा भैया पर सवाल पूछा तो अखिलेश यादव ने कहा कि राजा भैया लगता नहीं कि अब हमारे साथ है। उन्होंने कहा कि आप हमारे साथ हैं तो साथ रहिए, खिलाफ हैं तो दूर रहिए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान साफ तौर पर राजा भैया से उनकी नाराजगी को दर्शा रहा है।

आजम खां का किया बचाव

अखिलेश यादव ने जल निगम में भर्ती घोटाले की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट पर कहा कि जल निगम में भर्ती को लेकर प्रदेश सरकार आजम खां को परेशान करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मेरे सभी प्रोजेक्ट की जांच कराई मगर उनमें एक पैसे की भी धोखाधड़ी नहीं निकली। आगरा एक्सप्रेस-वे को खोदकर जांच की और अब सरकार उसी से कमाई कर रही है।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और विपक्षी दलों को मानसिक रूप से प्रताडि़त कर रही है। आजम खां पर आरोप है कि वर्ष 2016-17 में जल निगम के भर्ती बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए उन्होंने जल निगम में बगैर अनुमति और रिक्तियों के सैकड़ों पदों पर भर्ती कर ली जिसमें नियमों की अनदेखी की गई। 

Posted By: Dharmendra Pandey