लखनऊ, जेएनएन।  मौसम किसी तरह की नरमी बरतने के लिए तैयार नहीं है। आसमान से आग बरस रही है। गर्म हवा के थपेड़े शरीर को झुलसा रहे हैं और हलक सूखा जा रहा है। जून के अंतिम सप्ताह में मौसम के ये तेवर लोगों पर भारी साबित हो रहे हैं। कारण ये है कि अमूमन इन दिनों में बादलों की आवाजाही रहती है, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है। मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल बादल रूठे हैं। इनके एक जुलाई से पहले आने के आसार नहीं हैं। 

शुक्रवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया, जोकि सामान्य के मुकाबले सात डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक रहा। साफ है कि दिन तो दिन रात में भी मौसम बेहद गर्म बना हुआ है। 

पूरे राज्य में गर्मी से लोग बेहाल

केवल राजधानी ही नहीं, प्रयागराज में भी तापमान सामान्य से आठ डिग्री और बांदा में सात डिग्री अधिक रहा। वहीं, सुलतानपुर और वाराणसी में तापमान सामान्य के मुकाबले छह डिग्री अधिक रहा। 

बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार वैसे तो जून के अंतिम सप्ताह में बादलों की आवाजाही रहती है, जिससे तापमान अधिक नहीं जाता, लेकिन चूंकि इन दिनों मानसूनी हलचल पूरी तरह शांत है, इसलिए तापमान बढ़ रहा है। बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम डेवलप हो रहा है। इसके चलते एक जुलाई से बादल इधर का रुख करेंगे। इससे तापमान में भी कमी आएगी और बारिश की भी उम्मीद है। 

Posted By: Divyansh Rastogi

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