लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात ने कहर बरपाया है। गुरुवार को बारिश के दौरान मकान गिरे, वज्रपात हुआ, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए। बारिश के कारण कुछ नदियों के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी हुई, जिससे कई गांव पानी से घिर गए, जबकि कुछ गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। लोग दहशत में हैं और फसलें पानी में डूब गई हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

फाफामऊ से लेकर बलिया तक एक बार फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके कारण गंगा एवं वरुणा किनारे सबसे निचले हिस्से में घर बनाए लोगों की धड़कन भी बढ़ने लगी है। वाराणसी में गंगा प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है। उधर, गुरुवार को पूर्वांचल के तमाम हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। फाफामऊ में ही गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में 106.4 मिमी बारिश हुई थी। प्रयागराज में 46.4 मिमी, सीतामढ़ी में 56.0 मिमी, मीरजापुर में 20.8 मिमी व वाराणसी में 27.6 मिमी बारिश हो गई। इसके कारण सभी शहरों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई।

मऊ में घाघरा नदी में बढ़ते जलस्तर को देख सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है। इधर तमसा की बाढ़ से कई गांव के सैकड़ों किसानों की फसल जलमग्न, कई घर पानी से घिर गए हैं। आजमगढ़ में शहर को तीन तरफ से घेर कर बहने वाली तमसा नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। 24 घंटे में 60 सेंमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाढ़ के पानी से निचले इलाकों की आबादी घिरती जा रही है। जौनपुर के मड़ियाहूं के निदुरपुर गांव में गुरुवार को जर्जर कच्चे घर के ढहने से बगल का इंदिरा आवास धराशाई हो गया। मलबे में दबने से युवा दंपती की मौत हो गई और मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए।

चंदौली में अलीनगर थाना के कुछमन गांव में बुधवार देर रात तेज बारिश से कच्चे मकान की दीवार भरभराकर ढह गई। इससे उसके नीचे दबकर वृद्ध दंपती की मौत हो गई। सोनभद्र के घोरावल व मंची थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में गुरुवार को वज्रपात से महिला की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। मीरजापुर-देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना गांव में गुरुवार सुबह वज्रपात की चपेट में आकर वृद्ध मौत हो गई।

गोरखपुर और बस्ती मंडल में कई स्थानों पर गुरुवार दिन में छिटपुट बारिश हुई। गोरखपुर में 8 मिमी बारिश हुई। प्रयागराज में गंगा यमुना में बाढ़ भले थम गई, लेकिन बारिश ने आफत मचा रखी है। ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जन भर से ज्यादा गांव पानी में घिर गए। मेजा में वज्रपात से एक व्यक्ति झुलस गया। प्रतापगढ़ में गुरुवार को मकान गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई। दो दर्जन से ज्यादा घर पानी से गिरे हैं।

जनेश्वर मिश्र सेतु का एप्रोच मार्ग गंगा में समाया

बलिया के दुबहर क्षेत्र के शिवरामपुर घाट पर यूपी-बिहार को जोड़ने वाले जनेश्वर मिश्रा सेतु का एप्रोच मार्ग का 30 फीसद हिस्सा गंगा नदी के कटान में समाहित हो गया। बलिया के जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारोत एवं लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आरके बाजपेई ने मौके का मुआयना कर आवागमन पर रोक लगा दी। वहीं मौके की निगरानी के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया। जनेश्वर मिश्र सेतु सेतु का निर्माण वर्ष 2015 से हो रहा है। इस साल यह बनकर तैयार भी हो गया। एप्रोच तैयार होने के बाद बहुत से लोग बिना लोकापर्ण इस पर आवागमन भी करने लगे थे, तभी गंगा के बाढ़ ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया। जब तक गंगा का पेटा भरा था, तब तक इस सेतु को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन पानी कम होने के बाद गंगा का पानी अपने पेटे में गया तो कटान तेज हो गया और सेतु का 30 मीटर हिस्सा नदी में समा गया। कटान अभी भी जारी है।

Posted By: Umesh Tiwari

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