लखनऊ, [हितेश सिंह]। दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने सैयद मोदी इंडिया इंटरनेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारत की ही मालविका को हराकर महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। सिंधू ने सेमीफाइनल मुकाबले में रूस एवगेनिया कोसत्सकाया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले सिंधू ने 2017 में भी सैयद मोदी बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर चुकी है।

बाबू बनारसी दास बैडमिंटन अकादमी में खेले जा रही चैंपियनशिप में रविवार को महिला एकल के फाइनल मुकाबले भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधू और हम वतन मालविका भनसोड के साथ हुआ। फाइनल मुकाबला दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुआ।

मैच के शुरुआत से ही पीवी सिंधू ने खेल में आक्रामक रुख दिखाते हुए मालविका पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और खेल के मात्र पांच मिनट ही बीते थे कि सिंधू ने 3–0 से बढ़त बना ली। इसके बाद मालविका गेम में वापसी व अंक बटोरने के लिए लगातार जो जूझती रही लेकिन पीवी सिंधू ने बिना गलती किए खेलती रहीं और 10–03 का स्कोर कर दिया। खेल के 92 मिनट में 12वीं मिनट में मालविका में बेहतरीन इसमें जड़ा और एक अंक चुरा लिया फिर धीरे-धीरे मालविका ने स्कोर 10–08 का कर दिया। पीवी सिंधू कुछ समय के लिए परेशान जरूर रही लेकिन जबरदस्त वापसी करते हुए एक के बाद एक करीब सात अंक जुटाए और 17–08 की एकतरफा बढ़त बना ली। इसके बाद पीवी सिंधू ने कई बेहतरीन ड्राप शाट उठाएं लेकिन मालविका ने इस बीच तीन अंक चुरा लिया।

पीवी सिंधू ने लगातार अंक बटोरते हुए पहला गेम 21–13 से अपने नाम कर लिया। पहले गेम में हारने के बाद मालविका भनसोड ने दूसरे गेम में बेहतरीन शुरुआत की। हालांकि सिंधू ने अपने अनुभव का सहारा और मैच जीतने के लक्ष्य से खेलती दिखाई दी। मालविका ने दूसरे गेम के पांचवें मिनट में दो अंक और आठवें मिनट तक छह अंक अर्जित कर लिए थे जबकि सिंधू का स्कोर शून्य था। इस दौरान मालविका थोड़ा सा डिफेंसिव दिखी। दूसरे गेम के 12 मिनट तक सिंधू ने स्कोर 6–6 की बराबरी पर कर दिया। उसके बाद लगातार दोनों ओर से अंक बटोरे जा रहे थे हालांकि सिंधु का अनुभव काम आया और 21–16 से यह मुकाबला जीत लिया। 

टोक्यो ओलिंपिक-2020 में जीता था कांस्यः इससे पहले पीवी सिंधू ने 2017 में सैयद मोदी बैडमिंटन का खिताब जीता था। इसके अलावा विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2019 में सिंधू महिला एकल विजेता रही थी। पीवी सिंधू ने टोक्यो ओलिंपिक-2020 में कांस्य पदक जीता था। वहीं, मिक्स डबल्स में ईशान भटनागर व तनीषा क्रेस्टो और टी.हेम नागेंद्र बाबू व श्री वेदा गुरजादा, पुरुष डबल्स में कृष्णा प्रसाद गार्गा व विष्णुवर्द्धन गौड़ पंजाला और महिला युगल में त्रिशा जॉली व गायत्री गोपीचंद।

Edited By: Vikas Mishra