ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में लखनऊ में आक्रोश, पुराने शहर में मार्च
Assassination of Ayatollah Ali Khamenei: यूएस-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की सूचना के बाद विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए।
HighLights
अमेरिका-इजराइल के हमले के विरोध में शुरू किया गया प्रदर्शन
शिया हुए एकजुट, रात साढ़े आठ बजे निकाला जाएगा मशाल जुलूस
जागरण संवाददाता, लखनऊ : अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमला और वहां के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई लोगों की हत्या के विरोध में लखनऊ में मुसलमान समुदाय एकजुट हो रहा है।
यहां पुराने शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। प्रदर्शन के इलाके में हिंदुओं ने भी दुकानें नहीं खोली हैं। शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने रात साढ़े आठ बजे मशाल जुलूस निकालने का ऐलान किया है।
खामेनेई के मारे जाने की खबर सुन शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे और अमेरिका व इजराइल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। शिया समुदाय के लोग चौक में छोटे इमामबाड़े के पास इकट्ठा हुए।
खामेनेई की हत्या को यहां के शिया समुदाय के लोगों ने शहादत करार दिया है। शिया समुदाय इस घटना के विरोध में मातम मना रहा है। समुदाय की ओर से तीन दिन का शोक घोषित किया गया है। सभी लोगों को व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करने का आह्वान किया गया है।
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि खामेनेई की हत्या इंसानियत का कत्ल है। इसके विरोध में लाेग संगठित हों। कल्बे जवाद ने कहा कि रात आठ बजे वह छोटे इमामबाड़े में शोक सभा करेंगे। इसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने देशभर के मुस्लिम समुदाय से अपील की कि सभी लोग रात आठ बजे ही एक साथ विरोध जताएं। इंसानियतपरस्त अन्य लोग भी इसमें शामिल होंं।
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मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने कायराना हरकत की है। विश्व के सबसे बड़े शिया नेता की इस तरह हत्या करना, नाइंसाफी है। दुनिया के सभी मुसलमान इसके विरोध में आएं और अपनी आवाज बुलंद करें।
