यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी में होगा प्रधानमंत्री फसल बीमा का प्रचार, कृषि मंत्री एक दिसंबर को लखनऊ से करेंगे शुरुआत
किसान महीनों पसीना बहाकर खेतों में फसल उपजाता है। फसल तैयार होने के दौरान रोग लगने या बारिश ओलावृष्टि और ...और पढ़ें

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। किसान महीनों पसीना बहाकर खेतों में फसल उपजाता है। फसल तैयार होने के दौरान रोग लगने और कटने से पहले बारिश, ओलावृष्टि या फिर तेज हवा चलने से उसे काफी नुकसान होता रहा है। अन्नदाता की फसल चौपट होने पर भी उसे आर्थिक चोट न पहुंचे इसीलिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की गई है। इसके बाद भी किसान फसल बीमा नहीं करा रहे हैं। सरकार किसानों को फसल बीमा के प्रति जागरूक करने के लिए अब रबी के समय भी फसल बीमा सप्ताह मनाने जा रही है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही एक दिसंबर को कृषि निदेशालय से प्रचार-वाहन जिलों के लिए रवाना करेंगे। जिलाधिकारी भी गांवों, ब्लाकों में प्रचार वाहन रवाना करेंगे। केंद्र सरकार ने सूबे के बहराइच जिले के नवाबगंज, श्रावस्ती का सिरसिरा, बलरामपुर का उतरौला, सिद्धार्थनगर का लोटन, फतेहपुर का विजयीपुर, चित्रकूट का रामनगर, सोनभद्र का चतरा और चंदौली का नौगढ़ ब्लाक में फसल बीमा सप्ताह मनाने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह से प्रदेश सरकार वाराणसी का सेवापुरी, गोरखपुर का कैंपियरगंज और देवरिया के पथरदेवा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम कराएगी। इंटरनेट मीडिया पर भी प्रचार होगा।
अपर मुख्य सचिव कृषि डा. देवेश चतुर्वेदी ने निर्देश दिया है कि एक से सात दिसंबर तक जिला मुख्यालयों पर सर्वाधिक क्षतिपूर्ति पाने वाले बीमित पांच किसानों, बीमा करने वाले बैंक के प्रबंधक, सर्वाधिक बीमा करने वाले जनसुविधा केंद्र के प्रतिनिधि को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया जाए। कृषकों का चयन इस तरह से किया जाए कि उन्हें दो फसल बीमा योजनाओं प्रधानमंत्री फसल बीमा और मौसम आधारित फसल बीमा योजना का लाभ मिला हो।
