लखनऊ, जागरण संवाददाता। Eid-Milad-Un-Nabi: ईद-मिलादुन्नबी पर उत्‍तर प्रदेश के कई जिलों में जुलूस- ए- मोहम्मदी निकाला गया। बारिश के बावजूद अयोध्‍या, गोंडा, श्रावस्‍ती, बलरामपुर व रायबरेली समेत कई जिलों में जुलूस निकाला गया, लोगों का उत्‍साह देखते हुए बना। वहीं लखनऊ में इस बार एतिहासिक जुलूस- ए- मोहम्मदी नहीं निकला। जगह जगह बारावफात पर जलसे हुए।  वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 रबी उल अव्वल के मौके पर ऐशबाग की ईदगाह पहुंचे। अखिलेश यादव ने मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली से मुलाकात की और उन्‍हें 12 रबी उल अव्वल की मुबारकबाद दी। अखिलेश यादव ने वहां पर सभी उपस्थित लोगों से हाथ मिलाकर बधाई भी दी। साथ ही अखिलेश यादव ने देश की जनता को भी 12 रबी उल अव्वल की मुबारकबाद दी।

इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बारावफात पर मंगलवार को जामा मस्जिद में जलसे को खिताब किया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को ईद-मिलादुन्नबी (बारावफात) के मौके पर निकलने वाला ऐतिहासिक जुलूस- ए- मोहम्मदी नहीं निकाला गया। कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन के चलते ऐसा किया गया है। मौलाना ने लोगों से यतीमों और गरीबों की मदद करने की अपील की है। मौलाना ने होने वाले जलसों के खर्च से गरीब बच्चों की फीस जमा करने और उनके भोजन का इंतजाम करने की गुजारिश की है। मौलाना ने कहा कि नबी पाक सल्ल. रहमत, मुहब्बत व करम करने में सारे इंसानों के इमाम थे। उन्होंने भी ऐसा करने का फरमान दिया था। 

रसूले अकरम का दुनिया में तशरीफ लाना तमाम दुनिया वालों के लिए खुदा का अजीम तोहफा है। मुबारक हैं वह लोग जो इस पवित्र और बड़े तोहफे की कद्र करते हैं और अपनी आखिरत संवारते हैं। बारह रबीउल अव्वल पर आयोजित जलसे को खिताब करते हुए मौलाना ने कहा कि रसूल ने पूरी दुनिया को अमन व सलामती, प्यार और भार्ईचारे का पैगाम दिया। इससे पहले जलसे का आगाज कारी मुहम्मद हारून निजामीने तिलावते कलामे पाक से किया और हसीबुर्रहमान ने नात का नजराना पेश किया।

चौक स्थित दरगाह हज़रत मख़दूम शाहमीना रह. में मख़दूम शाहमीना फाउंडेशन के तहत शेख़ सगीर अली मीनाई की अध्यक्षता और पीरज़ादा शेख़ शाकिर अली मिनाई के संयोजन में जश्ने-ईद-मिलादुननबी हुआ। खिताब करते हुए क़ारी अब्दुल हन्नान फहमी ने कहा कि पूरी दुनिया के लिये हुज़ूर की रहमत है। आप इस दुनिया में तशरीफ लाये तो हर तरफ अमनो-अमान, भाई-चारा, मुहब्बत और ख़लूस की हवा चल गई। मौलाना ज़ाकिर मिनाई ने भी जलसे को खिताब किया। पीरज़ादा शेख नासिर अली मिनाई, पीरज़ादा शेख फाकिर अली मिनाई ने बारगाहे रिसालत में नज़राना-ए-अक़ीक़द पेश किया। सलातोसलाम मुफ्ति अबुल इरफान फिरंगी महली की दुआ और तबर्रूक तक़सीम होकर महफिल का समापन हुआ। इस मौक़े पर गुड्डू भाई, जुनैद मिनाई, मुहम्मद ख़ालिद, मुहम्मद फैज़ान आदि मौजूद रहे।

वहीं एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित जश्ने ईद मिलादुन्नबी हुआ। मजार के सज्जादानशीन व मुतवल्ली राशिद अली मीनाई की अध्यक्षता में हुआ। जश्न का आगाज कारी मुहम्मद अजमल ने तिलावते कलामे पाक से किया। जश्न को मौलाना मुहम्मद अजीम अजहरी ने खिताब करते हुए कहा कि रसूल की विलादत के मौके पर महफिल-मीलाद करना, मिठाई बांटना आदि मोहब्बत और अकीदत के तरीके हैं। जश्न का संचालन कारी मोहम्मद इस्लाम कादरी ने किया। अकबरी गेट स्थित मस्जिद एक मीनारा पर मरकजी जमीयतुल हुफ्फाज की ओर से हाफिज अब्दुर्रशीद की सरपरस्ती हुए जलसे को हाजी कारी मुहम्मद सिद्दीक ने खिताब किया। इससे पहले जलसे का आगाज मदरसा आलिया फुरकानिया के कारी मुहम्मद हसन ने तिलावते कलामे पाक से किया।

बलरामपुर में शांतिपूर्वक निकला जुलूस- ए- मोहम्मदी: बलरामपुर ज़िला मुख्यालय समेत उतरौला के पेहर बाज़ार में हर्षोल्लास के साथ ईद मिलदुन्नबी का जुलूस शान्ती व सौहार्द पूर्वक निकला गया। स्थानीय लोगों ने अकीदतमंदों के लिए पानी व खाने की व्यवस्था की। शान्ती व सौहार्द पूर्वक जलूस निकालने में पुलिस प्रशासन का अहम् योगदान रहा। पुलिस मुस्तैद रही।दूसरी तरफ़ इंटरनेट मीडिया पर जुलूस की फोटो वारल कर कोविड प्रोटोकाल के पालन पर सवाल उठा रहे हैं।

Edited By: Rafiya Naz