लखनऊ, जागरण संवाददाता। भले ही कोरोना के बढ़ते मामलों ने सरकार, स्वास्थ विभाग और आम आदमी की चिंता बढ़ा दी हो, लेकिन लखनऊ के निजी स्कूलों को इन सबसे कोई मतलब नहीं है। निजी स्कूलों ने 24 जनवरी से आफलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए ज्ञापन दिया है। स्कूल पढ़ाई को सर्वोपरि मान रहे हैं, लेकिन अभिभावक कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए फिलहाल अभी कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब तक कोरोना की रफ्तार धीमी नहीं होगी, तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की स्थिति में नहीं हैं। 

पहले 16 जनवरी से खुलने थे स्कूल, अब 24 जनवरीः कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और भीषण ठंड के चलते सरकार ने पहले 16 जनवरी तक सभी स्कूल बंद किए जाने के आदेश जारी किए थे। हालात जस के तस रहने पर सरकार ने स्कूलों को बंद रखने के आदेश को 23 जनवरी तक बढ़ा दिया था। अब जैसे-जैसे 23 जनवरी करीब है, वैसे वैसे स्कूल संचालकों व प्रबंधकों में स्कूल खोलने को लेकर काफी उत्सुकता है।

स्कूल प्रबंधकों व संचालकों का कहना है कि 15 से 18 साल तक के अधिकारी बच्चों का टीकाकरण हो चुका है ऐसे में और पूरी तरह सुरक्षित हैं। अब उनकी पढ़ाई का और नुकसान होना किसी भी स्तर पर ठीक नहीं। इस वजह से 24 जनवरी से सभी स्कूल खोल देने चाहिए। मगर वहीं दूसरी ओर अभिभावकों ने अपना रुख साफ कर दिया है। अभिभावकों का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे तब तक वह अपने बच्चों को किसी भी सूरत में स्कूल नहीं भेजेंगे। 

क्या कहते हैं डीआईओएस और बीएसएः डीआईओएस डॉ अमरकांत सिंह और बीएसए विजय प्रताप सिंह का कहना है कि सरकार के दिशा-निर्देश पर ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है उसी लिहाज से निर्णय लिए जाएंगे।

Edited By: Vikas Mishra