- देख रेख के अभाव में खंडहर हो रही आवासीय इमारतें, बरसात में उग आया खरपतवार और झाड़ियां

संसू, बख्शी का तालाब :

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कठवारा के सरकारी आवासों में कोई रहने को तैयार नहीं है। देखरेख के अभाव में करोड़ों की लागत से बनी इमारतें खंडहर होने लगी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते अस्पताल हो या आवासीय परिसर सब में जंगल व झाड़िया लगी हैं।

बख्शी का तालाब विकास खंड के कठवारा गाव में 21 वर्ष पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हुआ था। एक करोड़ 25 लाख की लागत से बने इस अस्पताल का उद्घाटन पाच दिसंबर 1999 में तत्कालीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रमापति शास्त्री ने किया था। आलीशान अस्पताल और आवासीय इमारतें जिसमें चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मियों के रहने के लिए आवास बने हैं। लेकिन, इन सरकारी आवासों में कोई भी रहने को तैयार नहीं है और न ही इनकी कोई देखरेख की जाती है। जिसकी वजह से सरकारी आवास खंडहर होते जा रहे हैं। इन आवासीय सरकारी इमारतों में फैन व बिजली के लाखों रुपये के उपकरण चौकीदार न होने की वजह से चोर उठा ले गए। अब विभागीय उदासीनता के चलते अस्पताल परिसर में जंगल बना है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कुछ भी नहीं दिख रहा है। जिसकी वजह से करोड़ों की लागत से बनी सरकारी इमारतें खंडहर होने लगी हैं। शासन-प्रशासन इन सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्थाओं पर न तो ध्यान दे रहा है और न ही कोई अधिकारी अस्पतालों की जाच करते हैं। बीकेटी सीएचसी के प्रभारी जेपी सिंह ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ केंद्र परिसर की जाच कराई जाएगी और झाड़ी जंगल को साफ कराए जाएंगे। इमारतों के रखरखाव के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया है बजट उपलब्ध होने पर आवासीय परिसरों की इमारतों को मरम्मत कराई जाएगी।

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