लखनऊ (जेएनएन)। इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2014 व प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में पावर कारपोरेशन के इंजीनियरों व कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को उन्होंने लखनऊ में रैली निकालने की तैयारी की है। रैली के बाद शक्ति भवन के सामने विरोध सभा होगी और मांगों का प्रस्ताव पारित कर इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय विद्युत मंत्री को भेजा जाएगा।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि बुधवार दोपहर 12 बजे राणा प्रताप मार्ग स्थित हाइडिल फील्ड हॉस्टल से शक्ति भवन मुख्यालय तक रैली निकाली जाएगी। समिति ने बताया कि नेशनल कोऑर्डीनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर बुधवार को सभी प्रदेशों की राजधानियों में बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं की रैली व विरोध सभाएं आयोजित की जा रही हैैं। इन सभाओं में सभी जगह से एक ही प्रस्ताव पारित कर केंद्र व राज्य सरकारों के मुखिया को भेजा जाएगा।

प्रस्ताव में बिजली निगमों का एकीकरण कर उप्र राज्य विद्युत परिषद का पुर्नगठन करने, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2014 को वापस लेने, सरकारी क्षेत्र के बिजली उत्पादन गृहों का नवीनीकरण व उच्चीकरण करने, वेतन विसंगतियों का निराकरण करने, पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने, सभी श्रेणी के सभी रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, भर्ती में संविदा कर्मियों को वरीयता देने और भर्ती होने तक संविदा कर्मियों को सीधे भुगतान करने सहित अन्य मांगें शामिल हैैं। 

By Ashish Mishra