लखनऊ में दिसंबर तक खत्म होंगी बिजली कटौती की समस्याएं, LESA का 17 करोड़ का मास्टरप्लान तैयार
लेसा ने लखनऊ में बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत 17 करोड़ से अधिक के कार्यों पर काम शुरू कर दिया है।

HighLights
लेसा ने 17 करोड़ से अधिक के बिजली सुधार कार्य शुरू किए।
दिसंबर 2026 तक व्यवधान वाले कार्य पूरे करने का लक्ष्य।
अर्जुनगंज, यूपीआईएल, राजाजीपुरम उपकेंद्रों का हो रहा उन्नयन।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। लेसा ने राजधानी के सभी चारों जोन में बिजनेस प्लान 2026-27 के अंतर्गत स्वीकृत किए गए कार्यों पर काम शुरू कर दिया है। बिजली विभाग की मंशा है कि दिसंबर 2026 से पहले वह काम कर लिए जाए, जिनके कारण बिजली आपूर्ति में व्यवधान की संभावना है।
मार्च 2027 तक सभी काम करने का लक्ष्य रखा गया है, उद्देश्य है कि लखनऊ आगामी गर्मी के लिए तैयार रहे। करीब 17 कराेड़ से अधिक के काम कराए जा रहे हैं।
पहले चरण में उन बिजली उपकेंद्रों को लिया गया है, जहां के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी इस बार गर्मी में उठानी पड़ी। लखनऊ मध्य जोन के मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने बताया कि निर्धारित अवधि में काम कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बिजनेस प्लान के अंतर्गत अर्जुनगंज बिजली उपकेंद्र से संबंधित क्षेत्र में अभी तक बिजली चली जाती थी तो कोई वैकल्पिक स्त्रोत न होने से उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ता था। अब अर्जुनगंज बिजली उपकेंद्र तक 220 केवीए आवास विकास ट्रांसमिशन से एक नई लाइन ले जायी जा रही है।
अगर एक 33 केवी लाइन में फाल्ट आता है तो दूसरी से बिजली चालू की जा सकेगी। यूपीआइएल बिजली उपकेंद्र पर बिजली की डिमांड इस गर्मी बहुत रही।
उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र पर नाराजगी जताई। मुख्य अभियंता ने अपने अभियंताओं की रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और संबंधित बिजली उपकेंद्र पर पांच एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगाने का निर्णय किया गया है। इसके लिए 132 केवी मेहताब बाग से एक लाइन यूपीआइएल बिजली उपकेंद्र को आएगी, इससे कई हजार उपभोक्ताओं को बिजली संकट से छुटकारा मिल जाएगा
यह वहीं क्षेत्र हैं जिसमें रानीगंज, वशीरतगंज, राजेंद्र नगर, बिरिहाना, दुर्विजयगंज सहित कई क्षेत्रों की बिजली बेहतर होगी। पुराने लखनऊ में स्थित अपट्रान बिजली उपकेंद्र से वैध स्टील बिजली उपकेंद्र को भूमिगत लाइन के जरिए जोड़ दिया जाएगा। इसके औद्योगिक क्षेत्र की बिजली बेहतर हो जाएगी।
इसके अलावा कई बिजली उपकेंद्रों के लिए भूमिगत लाइनों को इंटरलिंक करने का काम भी किया जाएगा। उद्देश्य होगा कि एक लाइन फाल्ट में आए तो दूसरे स्त्रोत से बिजली शुरू की जा सके। राजाजीपुरम ओल्ड बिजली उपकेंद्र से संंबंधित क्षेत्र में इस गर्मी बिजली की डिमांड बढ़ी थी, इसे देखते हुए यहां पांच की जगह दस एमवीए पावर ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जा रहा है। इससे ओवरलोडिंग पूरी तरह से क्षेत्र में खत्म हो जाएगी।
