अमेठी [दिलीप सिंह] । कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अमेठी के दो दिन के दौरे के बाद दिल्ली वापस जाने के तुरंत बाद कल मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के यहां आने का कार्यक्रम लग जाने से सियासी गतिविधियां बढ़ गई हैं।

आसमानी तपन के बीच अमेठी का सियासी पारा भी उफान पर है। कांग्रेस व भाजपा के बीच जुबानी जंग पिछले दो दिनों से और तेज हो गई है। अब अमेठी में विकास सियासी रार में पीछे होता जा रहा है और प्रतिद्वंद्विता का रंग चटक। बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अव्यवस्था की मार चीख बनकर बाहर आ रही है, लेकिन सियासी चमक-दमक में अमेठी की आवाज कहीं खो सी गई है।

आम जनमानस को राहत पहुंचाने के साथ जरूरी संसाधन मुहैया कराने वाले महकमे अपनी अहम जिम्मेदारी छोड़ वीवीआइपी प्रोटोकाल में उलझे हुए हैं। गांवों में आग को बुझाने के लिए भले ही दमकल समय से न पहुंच पा रहे हों पर वीवीआइपी दौरे में पानी की फुहार से जमीन की धूल जरूर तर की जा रही है।

मुख्यमंत्री के जाने तुरंत बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अब मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की सुरक्षा की तैयारियों में प्रशासनिक मिशनरी लगी हुई है। आवाम की जरूरतें वीवीआइपी विजिटों में गुम सी हो गई हैं। थाने से लेकर तहसील तक बस एक ही आवाज सुनाई पड़ रही है- अरे, अभी रुको भाई...देख नहीं रहे हो वीवीआइपी कार्यक्रम है। अमेठी को जिस सियासी ताकत पर गुमान था वही अब उसके वजूद पर सवाल खड़ी करने लगी है।

18 अप्रैल को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बाजारशुकुल आए तो 19 अप्रैल को दो दिनी दौरे पर राहुल अमेठी पहुंचे। इसी दिन कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव और गायत्री प्रसाद प्रजापति भी विधायक राकेश सिंह के यहां भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे। अब एक दिवसीय दौरे पर मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के आने का कार्यक्रम है। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं-कार्यकर्ताओं में अपने बड़े नेताओं की मौजूदगी को लेकर एक दूसरे को झूठा साबित करने की जंग तेज हो गई है। शुक्रवार को तिलोई के शाहमऊ कस्बे में चाय की दुकान पर दोनों दलों के कुछ समर्थक सुबह-सुबह जुटे थे। अखबार की सुर्खियों के बीच शुरू हुई सियासी बहस कहासुनी और तू-तकरार तक पहुंच गई।

अमेठी में विकास की रफ्तार तेज होने से कांग्रेस भयभीत

भाजपा जिलाध्यक्ष, अमेठी दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस दशकों से अमेठी पर राज कर रही है। स्मृति ईरानी के दखल से अमेठी में विकास की रफ्तार तेज होने से कांग्रेस भयभीत है। उसे लगता है कि अब उसके हाथ से यहां की सल्तनत निकलने वाली है। कांग्रेस बौखलाहट में तरह-तरह के आरोप लगा रही है। आने वाले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को उसकी हैसियत का पता चल जाएगा। यहां की पांचों सीटें भाजपा जीतेगी।

स्मृति ईरानी सिर्फ गुमराह कर रहीं

कांग्रेस जिलाध्यक्ष, अमेठी योगेंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा और स्मृति ईरानी की टीम जनता को गुमराह कर रही है। स्मृति को मंत्री बने दो साल होने को हैं पर उन्होंने अमेठी के लिए कुछ नहीं किया। सिर्फ बयानबाजी से कुछ नहीं होगा। यहां के लोग जानते हैं कि उनके सुख-दुख के साथी राहुल गांधी और उनका परिवार ही है। आने वाले विधान सभा चुनाव में भाजपा को औकात पता चल जाएगी। यहां की पांचों विधानसभा सीट पर इस बार कांग्रेस ही जीतेगी।

Posted By: Dharmendra Pandey

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