लखनऊ, जेएनएन। जिस थाने पर पिता 2005 में इंस्पेक्टर थे। उसी के पास वाले थाना क्षेत्र से उनका बेटा लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने सेवानिवृत्त सीओ के बेटे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया। उसके पास से बिना कागजात वाली एक कार, लूट के आठ मोबाइल फोन, प्वाइंट 32 बोर की पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं। 

दरअसल पिछले कई दिनों से पिपरसंड रोड पर राहगीरों से छिनैती और लूट की कुछ घटनाएं सामने आयी थी। गुरुवार देर रात सरोजीनगर थाने की पुलिस पिपरसंड रोड स्थित नवोदय विद्यालय के पास गश्त कर रही थी। इस दौरान एक कार संदिग्ध हालत में दिखाई दी। पुलिस ने रोका तो वह भागने का प्रयास करने लगे। तीनों को पकड़कर पूछताछ हुई तो पता चला कि वह असलहा दिखाकर क्षेत्र में राहगीरों से रुपये और मोबाइल फोन लूट लेते थे। पकड़े गए लोगों में आशीष शुक्ल सेवानिवृत्त सीओ रंगनाथ शुक्ल का बेटा है। आशीष शुक्ल पिछले महीने गौरी में भी एक राहगीर से 6820 रुपये लूटे थे। उसके साथ जानकीपुरम का रहने वाला स्वयंवीर सिंह और बिजनौर का शुभम पांडे भी पकड़ा गया। तीनों लूट की योजना बना रहे थे। पुलिस ने उनके पास से स्विफ्ट वीडीआइ कार बरामद की है। उसके कागजात नहीं मिले हैं। पुलिस ने आरटीओ से चेसिस नंबर के आधार पर कार की जानकारी मांगी है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों को जेल भेज दिया गया। 

बिगड़ैल हो रही खाकी की पीढ़ी 

कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिस खाकी पर है। उसकी ही पीढ़ी के जरायम की दुनिया में उतरने के कई मामले सामने आ चुके हैं। पिछले दिनों कृष्णानगर में ही एक लुटेरों का गिरोह पकड़ा गया था। एक दीवान का बेटा इसका सरगना था। जबकि पिछले महीने अलीगंज में शिक्षक की पिटाई कर रहे रिजर्व लाइन में तैनात पुलिसकर्मी का बेटा सिपाही से अभद्रता करते हुए धरा गया। वहीं बालागंज में 25 अप्रैल 2018 को महिला की चेन खींचते हुए रिटायर्ड पुलिसकर्मी का बेटा गिरफ्तार हुआ था। 

 

Posted By: Anurag Gupta

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