युवतियों के चेहरे की चमक फीकी कर रहा PMOS, क्यों आम बीमारी बनता जा रहा यह सिंड्रोम? वजह कर देगी हैरान
युवतियों में पीएमओएस (पालीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम) एक आम बीमारी बन रही है, जो बदलती जीवनशैली, जंकफूड और तनाव के कारण चेहरे की चमक फीकी कर रही है।

HighLights
पीएमओएस युवतियों में चेहरे की चमक फीकी कर रहा है।
बदलती जीवनशैली, जंकफूड और तनाव मुख्य कारण हैं।
स्वस्थ खानपान और नियमित व्यायाम से बचाव संभव है।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। महिलाओं और युवतियों में पालीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीएमओएस) एक आम बीमारी बनती जा रही है। इसके मामले तेजी बढ़ते जा रहे हैं।
यह मिहलाओं में कई तरह की बीमारियों की वजह बन रही है। इससे गर्भाशय और प्रजनन स्वास्थ्य, हृदय रोग, किडनी से जुड़ी समस्याओं के साथ सीधा असर चेहरे पर भी पड़ रहा है। चेहरे की चमक फीकी हो रही है। बदलती जीवनशैली, जंकफूड, मानसिक तनाव इसकी मुख्य वजह है।
स्त्री रोग और त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार, पीसीओडी से पीड़ित केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग क्वीन मेरी की प्रोफेसर (डा.) सुजाता देव बताती हैं कि एक महीने में करीब 90 मामले पीएमओएस के आते हैं। इनमें करीब 55 प्रतिशत मामलों में चेहरे पर बहुत अधिक मुंहासे की समस्या देखने को मिलती है।
बलरामपुर अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. उस्मानी बताते हैं कि ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 50 चेहरे पर मुंहासे की समस्या वाले होते हैं। इनमें करीब 15 प्रतिशत में पीएमओएस होते है।
इसलिए उत्पन्न हो रही समस्या
पीएमओएस से ड्रोजन हारमोन का स्तर बढ़ता है। इससे से तेल ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं, जिससे चेहरे पर ज्यादा तेल जमा हो जाता और बैक्टीरिया हो जाते हैं, जो जिद्दी और दर्दनाक मुंहासों की वजह बनते हैं।
साथ ही, उच्च इंसुलिन स्तर से गर्दन, चेहरे के किनारों और शरीर के जोड़ों की त्वचा मोटी और काली हो जाती है, जिससे चेहरे की चमक खत्म फीकी होती है।
बचाव के लिए जरूरी उपाय
- जंक फूड और अत्यधिक मीठे व्यंजनों के सेवन से बचें।
- नियमित योग और व्यायाम करें।
- हरी सब्जियों और मौसमी फल का सेवन करें।
- सात-आठ घंटे की भरपूर नींद लें।
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