लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के व्यवसाय की भी सुरक्षा करेगी। पटरी दुकानदारों को अब उनके स्थान से हटाया नहीं जा सकेगा। इसके लिए स्थानीय पुलिस को चिन्हित पटरी दुकानदारों की सूची भेजी जाएगी। साथ ही पटरी दुकानदारों को जबरन हटाने वाले पुलिसकर्मियों व निकाय कर्मियों पर भी सरकार कार्रवाई करेगी।

दरअसल, पटरी दुकानदारों को बेदखल किए जाने से उनके व्यवसाय पर असर पड़ रहा था। इस कारण पीएम स्वनिधि योजना में कर्ज पाने वाले पटरी दुकानदार कर्ज का भुगतान समय पर नहीं कर पा रहे थे। इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को विशेष निर्देश भेजे हैं। इसमें कहा गया है कि चिन्हित पटरी दुकानदारों को प्रताड़ित करना व बेदखल करना पूरी तरह गलत है।

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव ने उत्तर प्रदेश सरकार को भेजे पत्र में कहा है कि चिन्हित पटरी दुकानदारों की सूची न सिर्फ स्थानीय पुलिस स्टेशन को दी जाए, बल्कि पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक व नगर आयुक्त को भी पटरी दुकानदारों को अवैध रूप से प्रताड़ित करने एवं बेदखल किए जाने के संबंध में सेंसिटाइज किया जाए। केंद्र से आए निर्देश के बाद अब अपर मुख्य सचिव नगर विकास डा. रजनीश दुबे ने भी सभी जिलाधिकारी व नगरीय निकायों को इस संबंध में पत्र भेज दिया है।

अपर मुख्य सचिव नगर विकास डा. रजनीश दुबे ने निदेशक स्थानीय निकाय व सूडा निदेशक को भी इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत प्रदेश के शहरी इलाकों में करीब 9,47,000 पटरी दुकानदारों का डाटा पोर्टल पर उपलब्ध है। अब तक 9,55,870 दुकानदार आनलाइन आवेदन भी कर चुके हैं। इनमें से 6,30,473 का कर्ज स्वीकृत किया गया है। इसके सापेक्ष 5,68,629 को कर्ज दिया जा चुका है। इन सभी की सुरक्षा प्रदेश सरकार करेगी।

Edited By: Umesh Tiwari