लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। बुंदेलखंड का नाम आते ही सूखाग्रस्त क्षेत्र व जल संकट की तस्वीर उभरने लगती है। इस पहचान को बदलने की कोशिश लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब आम लोग, मवेशी व खेतों के साथ ही धरा की प्यास बुझाने का इंतजाम हो रहा है। केंद्र सरकार ने जल संरक्षण के लिए बुंदेलखंड पैकेज दिया है, जिसका तीसरा चरण सितंबर में पूरा होना है। जिलों में बनाए गए चेकडैम, तालाब और ब्लास्ट कूप की सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिलाने की तैयारी है। पूरी हो चुकी योजनाओं की सूची नियोजन विभाग को भेजी जा रही है।

बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी के दिनों में पानी का भीषण संकट होता है। गांवों में टैंकरों से पानी जैसे-तैसे उपलब्ध कराया जाता रहा है। इस समस्या का निदान करने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को विशेष पैकेज 2018-19 में दिया। इस क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधन भरपूर हैं, उन्हीं के जरिये जल संकट का निदान करने के निर्देश हुए। नदी व बड़े नालों पर चेकडैम बनाने, पुराने तालाब फिर से जीवित करने व नए स्थापित करने के अलावा पथरीली जमीन पर ब्लास्ट कूप बनाने का खाका खींचा गया था। जलशक्ति मंत्रालय ने इसे पूरा कराने का जिम्मा लघु सिंचाई विभाग को सौंपा।

बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी सात बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन व ललितपुर जिलों में बड़ी संख्या में चेकडैम व तालाबों को पुनर्जीवित किया गया है। हालांकि ब्लास्ट कूप बनाने में विभाग पीछे है। अफसर कहते हैं कि पोर्टल हर दिन अपडेट किया जाता है। जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। इसका लोकार्पण कराने के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फैसला करेंगे। उनके संज्ञान में इसे ले जाएंगे।

जियो टैग करके पोर्टल पर उपलब्ध : बुंदेलखंड परियोजना के तहत हुए सभी कार्यों की जियो टैगिंग विभाग ने की है। चेकडैम व तालाबों की फोटो, वीडियो व अन्य सूचनाएं पोर्टल पर अपडेट की गई हैं, ताकि आम लोग भी उसे देख सके।

  • परियोजना के कार्य
  • योजना : लक्ष्य : पूरे
  • चेकडैम : 328 : 278
  • तालाब : 282 : 220
  • ब्लास्ट कूप : 1935 : 133

Edited By: Umesh Tiwari