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यूपी के 1500000 किसान की PM सम्मान निधि पर संकट, जौनपुर समेत इन जिलों के लाभार्थियों की रुक सकती है किश्त

Published: Tue, 29 Sep 2026 06:51 PM (IST)

कृषि और संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण उत्तर प्रदेश के 15.75 लाख किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 15.75 लाख किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि पर संकट।

  2. कृषि विभागों की लापरवाही से सत्यापन कार्य में भारी देरी हुई।

  3. जौनपुर सहित कई जिलों में लाखों मामले अभी भी लंबित हैं।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के सत्यापन में कृषि और अन्य संबंधित विभागों की लापरवाही ने 15.75 लाख किसानों के लाभ पर संकट खड़ा कर दिया है। भारत सरकार ने लाभार्थियों में संदिग्ध मामलों का विवरण पिछले वर्ष प्रदेश सरकार को भेजा था और इसके सत्यापन के लिए कहा गया था। परंतु अब तक यह काम पूरा नहीं हुआ, सभी 75 जिलों में प्रकरण निस्तारण के लिए लंबित हैं और इनमें जौनपुर सबसे पीछे चल रहा है।

सम्मान निधि योजना की शुरुआत के समय उत्तर प्रदेश 1.88 करोड़ किसानों को इसका लाभ मिला था। इसके बाद सत्यापन और जांच के चलते अपात्रों के नाम कम होते गए।

15,35,858 मामले सत्यापन के लिए लंबित

पिछले वर्ष भारत सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के 24.32 लाख ऐसे लाभार्थियों का जिलेवार विवरण भेजा था, जो पात्रता के लिहाज से संदिग्ध थे। 18 सितंबर को प्रमुख सचिव कृषि द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि संदिग्ध प्रकरणों में वर्तमान में तीन प्रमुख श्रेणियों में 15,35,858 मामले सत्यापन के लिए लंबित हैं।

इनमें सबसे अधिक 10,19,117 मामले पूर्व भूमि स्वामी की अपूर्ण पहचान से जुड़े हैं। 2,74,742 मामले विरासत के अलावा अन्य कारणों से नामांतरण और 2,41,999 मामले पूर्व एवं वर्तमान दोनों भूमि स्वामी का डाटा दर्ज होने से संबंधित हैं।

सिर्फ 18,547 मामलों में प्रगति दर्ज

इनके अलावा नाबालिग लाभार्थी व एक ही परिवार के दो लोगों द्वारा लाभ लेने के भी संदिग्ध मामले हैं। न पांच श्रेणियों में कुल 15,98,140 मामले दर्ज हैं, जिनमें 15,75,413 मामले लंबित हैं। इनमें भी 31 जुलाई से आठ सितंबर के बीच इन श्रेणियों में केवल 18,547 मामलों में प्रगति दर्ज की गई।

जिलों में जौनपुर में 83,841 मामले लंबित हैं। इनमें अकेले 55,112 मामले पूर्व भूमि स्वामी के विवरण से संबंधित हैं। इसके बाद सीतापुर में 58,042, आजमगढ़ में 56,959, प्रतापगढ़ में 56,508 और सुलतानपुर में 55,970 मामले लंबित हैं।

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पांचों जिलों को मिलाकर लंबित मामलों की संख्या 3,11,320 है। इनके अलावा 47 जिलों में 20 हजार तक,15 जिलों में 20 से 30 हजार, पांच जिलों में 30 से 40 हजार और तीन जिलों में 40 से 50 हजार के बीच मामले लंबित हैं। आदेश में सभी लंबित मामलों का शत-प्रतिशत सत्यापन जल्द कराने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि सम्मान निधि की अगली किस्त जारी होने से पहले निस्तारण न होने पार संदिग्ध मामलों के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।

सत्यापन में सबसे पीछे चल रहे पांच जिले

जिला - लंबित मामले

जौनपुर - 83,841
सीतापुर - 58,042
आजमगढ़ - 56,959
प्रतापगढ़ - 56,508
सुलतानपुर - 55,970