लखनऊ, राज्य ब्यूरो। One Trillion Dollar Economy उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए राज्य में सुनियोजित शहरी विकास सुनिश्चित किया जाएगा। न केवल महानगरों, बल्कि छोटे शहरों में भी तमाम आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराकर उन्हें आर्थिक विकास के केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में व्यापक विचार-विमर्श करने के लिए राजधानी में आज से दो दिवसीय नेशनल अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेन्ट कान्क्लेव-2022 आयोजित किया जा रहा है।

एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था पर योगी सरकार का फोकस

  • कान्क्लेव में देशभर से शहरी नियोजन के क्षेत्र से जुड़े लगभग 50 विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कान्क्लेव का उद्घाटन करेंगे।
  • आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने कान्क्लेव के संबंध में प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि राज्य सरकार और भारत सरकार की अर्बन प्लानिंग से संबंधित उच्चाधिकार समिति द्वारा संयुक्त रूप से 23 व 24 सितंबर को कान्क्लेव का आयोजन राजधानी के इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में किया जा रहा है।
  • कान्क्लेव में विशेषज्ञ शहरी नियोजन से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न तकनीकी सत्र में विचार-विमर्श करेंगे। गोकर्ण ने उम्मीद जताई कि कान्क्लेव में होने वाले विचार-विमर्श के निष्कर्ष संबंधी संस्तुतियां प्रदेश के नगरीय नियोजन को सही दिशा देने में सहायता प्रदान करेंगी।
  • सुनियोजित शहरी विकास से निवेशक भी राज्य में निवेश करने के लिए तेजी से आगे आएंगे जिससे प्रदेश के एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनने को रफ्तार मिलेगी।
  • कान्क्लेव के आयोजन के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
  • आवास विकास परिषद तथा लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, आगरा, गोरखपुर एवं बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा कान्क्लेव के आयोजन स्थल पर अभिनव कार्यों तथा जनता के लिए लाभकारी कार्यों/परियोजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कान्क्लेव में परिषद व प्राधिकरण के नियोजन तथा अभियंत्रण संवर्ग के कार्मिक भी प्रतिभाग करेंगे।

शहरों के सुनियोजित विकास को विभागों में समन्वय जरूरी

केंद्र सरकार द्वारा शहरी नियोजन पर गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष केशव वर्मा का कहना है कि शहरों के सुनियोजित विकास के लिए विभागों में समन्वय बहुत जरूरी है। उनका मानना है कि दूसरे कई राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी आवास एवं शहरी नियोजन विभाग और नगर विकास विभाग को मिलाकर एक विभाग होना चाहिए। विभाग की कमान वरिष्ठ अफसर के हाथ में होनी चाहिए। वर्मा का कहना है कि शहरों को प्राब्लम नहीं, बल्कि ग्रोथ इंजन की तरह देखा जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश के कम शहरीकरण को हमें बड़े मौके की तरह देखना चाहिए।

Edited By: Prabhapunj Mishra