लखनऊ, जेएनएन। पुराने शहर में विभिन्न कारणों से तीन पुलों के निर्माण की धीमी गति आफत बनती जा रही है। लाखों लोगों के लिए मुख्य शहर तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन चुका है। परेशानी इस कदर बढ़ी है कि सोशल मीडिया तक पर मजाक बनना शुरू हो गया है। फिल्म शोले के उस दृश्य की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें जय को गोली लग जाती है और वह वीरू की गोद में है। वीरू जय से पूछ रहा है कि ये हाल कैसे हुआ तो जय जवाब देता है कि वह हैदरगंज से नक्खास जा रहा था। गुरु गोविंद सिंह मार्ग नाका से डीएवी कॉलेज, हैदरगंज तिराहे से मीना बेकरी और हैदरगंज तिराहे से मेडिकल यूनिवर्सिटी चौराहे तक पुलों का निर्माण शुरू हुए करीब डेढ़ साल पूरा हो चुका है। 

कब तक झेलेंगे दिक्कत

टुडिय़ागंज निवासी सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी विमल रस्तोगी हैं बताते हैं कि पुलों के निर्माण से निश्चित तौर पर क्षेत्र के लोगों को फायदा होगा। फिलहाल, बहुत अधिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।  बाजार खाला निवासी कारोबारी सचिन श्रीवास्तव बताते हैं कि आखिर अव्यवस्था के चलते हम लोग कब दिक्कतें भोगते रहेंगे।

अतिक्रमण बहुत बड़ी परेशानी

हैदरगंज से मेडिकल क्रॉसिंग तक बन रहे पुल के अलाइनमेंट में जबरदस्त अतिक्रमण है। नक्खास चौराहे से मेडिकल क्रॉसिंग तक बुरा हाल है। यहां दोनों ओर लगभग 30-30 फीसद सड़क पर अवैध कब्जा है। इस वजह से लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड को कई पत्र लिखे जा चुके हैं, मगर अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इस पुल का निर्माण करीब 30 फीसद तक पूरा हुआ है। 

पता नहीं कहां हैं पानी की लाइन

यहां सेतु निगम और जल संस्थान के बीच भूमिगत पाइप लाइनों की जानकारी का अभाव है। नाका ङ्क्षहडोला में दीपावली से ठीक पहले पाइप लाइन फटने से कारोबारियों को बहुत अधिक नुकसान हुआ था।

प्रदूषण की वजह से रोका गया था निर्माण

प्रदूषण की वजह से भी पुलों का निर्माण करीब 15 दिन पहले रोका गया था। इसको अब दोबारा बहाल कर दिया गया है।

Posted By: Divyansh Rastogi

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