लखनऊ, (धर्मेन्द्र मिश्रा)। राजधानी में कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने वाले लोगों के नमूने जांचने का नियम अब बदल गया है। ऐसे लोगों की अब तुरंत सैंपलिंग नहीं की जा रही, बल्कि उन्हें क्वॉरंटाइन किए जाने के पांचवें दिन नमूना लिया जाएगा। ताकि अगर वह संक्रमित हुए हैं तो उसकी सही रिपोर्ट आ सके। अभी तक तुरंत नमूना लिए जाने से ज्यादातर मरीजों की सही रिपोर्ट नहीं आ रही थी। इसलिए यह फैसला लिया गया है, जिसका पालन भी शुरू कर दिया गया है।

इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के पास गाइडलाइन आ चुकी है। वहीं अब ए सिम्पटोमैटिक कोरोना पॉजिटिव मरीज भी अपने घर रह सकेंगे। इस बारे में विस्तृत गाइडलाइन आने का स्वास्थ्य विभाग इंतजार कर रहा है। हाल ही में मुंबई से बस्ती जा रही ट्रेन में मृत हुए अयोध्या निवासी श्रमिक के संपर्क में आए सिविल अस्पताल के दो डॉक्टरों समेत चार को क्वारंटाइन किया गया है, वहीं जीआरपी के भी दो जवानों व केजीएमयू के दो डॉक्टर व स्टाफ क्वारंटाइन हैं। मगर इन सभी का नमूना अभी नहीं लिया गया है। संक्रमित के संपर्क में आने के पांचवें दिन सभी के नमूने जांच को भेजे जाएंगे।

इसी तरह हाल ही में शारजाह से लौटे आजमगढ़ निवासी यात्री के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद सीएमओ ने एअरपोर्ट अथॉरिटी को ड्यूटी पर तैनात लोगों को क्वारंटाइन में रहने को कहा है। संपर्क में आए लोगों का पांचवें दिन नमूना लेकर जांच को भेजा जाएगा। सीएमओ के प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि नई गाइडलाइन के तहत ऐसा किया जा रहा है। क्योंकि पहले दिन नमूने लेने पर रिपोर्ट सही नहीं आ रही थी।

शर्तों पर घर में रह सकेंगे संक्रमित

सीएमओ डॉक्टर नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि ए-सिम्पटोमैटिक मरीजों को नई गाइडलाइन के तहत उनके घर में ही होमक्वारंटाइन की इजाजत दी जा सकती है। मगर अभी निर्देशों की प्रति पहुंचने का इंतजार किया रहा है। इसके तहत जो मरीज पॉजिटिव हैं, लेकिन उनमें खांसी, जुकाम, बुखार व सांस फूलने जैसी कोई दिक्कत नहीं है और वह खुद को फिट महसूस कर रहे हैं, उन्हें घर में होमक्वारंटाइन की रहने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे मरीजों से यह लिखवाया जाएगा कि वह होमक्वारंटाइन के नियमों का पूरा पालन करेंगे और उनके घर में क्वारंटाइन की सुविधा है, वह किसी दूसरे को संक्रमित नहीं करेंगे।

ऐसे मरीजों को डॉक्टरी परामर्श व नियम समझा दिए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग इनकी डिटेल व निगरानी अपने पास रखेगा। जबतक कोई लक्षण नहीं आते, ऐसे मरीजों को कोई दवा नहीं खानी पड़ेगी। सिर्फ प्रोटीन व विटामिन-सी युक्त खानपान व आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के तहत काढ़ा, हल्दी दूध इत्यादि लेते रहना होगा। दिक्कत होने पर मरीज स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर सकेंगे। किसी की तबीयत गंभीर होने पर उसको अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।  

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