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यूपी में गुलाब जल की आड़ में चल रही थी 300 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री, उरई से दो गिरफ्तार

Published: Thu, 29 Oct 2026 10:37 PM (IST)

जालौन के उरई में राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) और यूपी एटीएस ने गुलाब जल फैक्ट्री की आड़ में चल रही 300 करोड़ रुपये की सिंथेटिक ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. उरई में गुलाब जल फैक्ट्री की आड़ में ड्रग्स कारोबार।

  2. डीआरआई-एटीएस ने 300 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी।

  3. 1102.88 किलोग्राम ड्रग्स और रसायन जब्त, दो गिरफ्तार।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जालौन के उरई में गुलाब जल की फैक्ट्री आड़ में सिंथेटिक ड्रग्स बनाने का अवैध कारोबार चल रहा था। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) और उत्तर प्रदेश एटीएस की संयुक्त टीम ने गुरुवार तड़के एक सुदूर गांव में छापा मारकर मेफेड्रोन बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

कार्रवाई में कुल 1102.88 किलोग्राम ड्रग्स और रसायन जब्त किए गए हैं। बरामद सामग्री की कीमत करीब 300 करोड़ रुपये बताई गई है। टीम ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

गुरुवार सुबह की गई छापेमारी में टीम को परिसर के भीतर सिंथेटिक मादक पदार्थ बनाने के लिए व्यवस्थित प्रयोगशाला मिली। यहां से 184 किलोग्राम अर्धनिर्मित ड्रग्स और 582.2 किलोग्राम रसायन व उपकरण बरामद किए गए। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एजेंसियां फैक्ट्री की आड़, उसके संचालन और वहां तैयार किए जा रहे मादक पदार्थों के नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।

इसके बाद आरोपितों के आवासों पर भी तलाशी ली गई। एक आरोपित के घर से 15.44 किलोग्राम तैयार मेफेड्रोन, 152.94 किलोग्राम रसायन और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीन बरामद हुई।

दूसरे आरोपित के परिसर से 168.3 किलोग्राम रसायन जब्त किए गए। इस तरह पूरी कार्रवाई में ड्रग्स और उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की कुल बरामदगी 1102.88 किलोग्राम रही।

डीआरआई ने उरई निवासी 27 वर्षीय हेमेंद्र कुशवाह और महाराष्ट्र निवासी 37 वर्षीय संतोष को गिरफ्तार किया है। दोनों पर अवैध मादक पदार्थों के निर्माण और तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।

एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गुलाब जल की आड़ में कारोबार किए जाने की आशंका के पीछे क्या तथ्य हैं, रसायनों की आपूर्ति कहां से हो रही थी और तैयार मेफेड्रोन किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

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