विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अमेठी में मेले में चाट खाने से 102 बच्चे बीमार, 17 अस्पताल में भर्ती

Published: Thu, 29 Oct 2026 09:20 PM (IST)

अमेठी के कोटवा गांव में दशहरा मेले में चाट खाने से 102 बच्चे उल्टी-दस्त से बीमार पड़ गए। गंभीर हालत में 17 बच्चों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

News Article Hero Image

HighLights

  1. 102 बच्चे मेले में चाट खाकर बीमार पड़े।

  2. 17 बच्चों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

  3. स्वास्थ्य विभाग ने गांव में चिकित्सा शिविर लगाया।

संवाद सूत्र, अमेठी। मोहनगंज थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में बुधवार को आयोजित दशहरा मेले में चाट खाने के बाद 102 बच्चे उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गए। बड़ी संख्या में बच्चों के अचानक बीमार पड़ने से गांव में अफरातफरी मच गई।

गंभीर हालत में 17 बच्चों को स्वशासी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इनमें से एक बच्चे को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 16 बच्चे अभी भी भर्ती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। उधर, मामले में दो चाट विक्रेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

गुरुवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें कोटवा गांव पहुंच गईं। पंचायत भवन में चिकित्सा शिविर लगाकर बच्चों का उपचार शुरू किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की कमान संभाली।

81676931

चिकित्सकों की टीम ने गांव में ही अधिकांश बच्चों का उपचार किया, जबकि गंभीर रूप से पीड़ित बच्चों को मेडिकल कालेज भेजा गया। बच्चों की बड़ी संख्या में तबीयत बिगड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है।

बच्चों का चल रहा इलाज

सीएचसी अधीक्षक चिकित्सकीय टीम के साथ पंचायत भवन में कैंप कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की टीम भी गांव में घूम-घूमकर बीमार बच्चों को चिह्नित कर उपचार उपलब्ध करा रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी तिलोई डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव और तहसीलदार अभिषेक यादव ने गांव पहुंचकर पीड़ित बच्चों का हालचाल लिया। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने भी गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और चिकित्सकों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

चाट खाने के बाद बच्चे फूड पाइजनिंग के शिकार हुए। गंभीर रूप से प्रभावित 17 बच्चों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। इनमें से एक बच्चे को छुट्टी मिल चुकी है, जबकि 16 बच्चे भर्ती हैं। सभी की हालत खतरे से बाहर है। -डॉ. अंशुमान सिंह-मुख्य चिकित्सा अधिकारी।

यह भी पढ़ें- वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पार्क‍िंग में करंट से दो गायों की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल