लखनऊ, जागरण संवाददाता। आजकल मानसिक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा समस्या तनाव से हो रही हैं। तनाव से बचें और खुश रहें। किसी भी तरह की समस्या होने पर इलाज कराने में शर्म या झिझक महसूस न करें। नशे से तौबा करें। बीडी, सिगरेट, तम्बाकू, अफीम, शराब आदि का सेवन घातक है। इसके अलावा मोबाइल व कम्प्यूटर पर ऑनलाइन गेम व सोशल मीडिया का अत्याधिक इस्तेमाल से भी बचें। ये नशा भी सिगरेट व शराब की लत से कम नहीं है जिसकी वजह से लोग तनाव और डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। यह जानकारी केजीएमयू मानसिक रोग विभाग के डॉ. आर्दश त्रिपाठी ने दी।

शनिवार को केजीएमयू में यूपी साइकेट्रिक एसोसिएशन की तरफ से वेबिनार हुआ। इसमें देश भर के विशेषज्ञों ने तमाम तरह के नशे और उससे होने वाली समस्याओं पर चर्चा की। एम्स दिल्ली के डॉ. अतुल अम्बेकर ने अफीम के नशे से होने वाली दिक्कत व इलाज पर जानकारी साझा की। डॉ. अतुल ने बताया कि अफीम का नशा बेहद घातक है। लोग इंजेक्शन से भी अफीम का नशा कर रहे है। इसके लती लोगों मजबूत इच्छा शक्ति से इसे छोड़ सकते हैं। बड़े सरकारी संस्थानों में ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर खुले हैं। इसमें मरीजों को मुफ्त दवा मिलती है। अफीम के आदी लोगों को नशा छोड़ते वक्त घबराहट महसूस होती है। पेट गड़बड़ हो जाता है। पेट में दर्द व अत्याधिक गुस्सा आता है। केजीएमयू कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने कहा कि नशे पर अंकुश लगाकार परिवारों को तबाह होने से बचा सकते हैं। छोटी-छोटी चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगा सकते है। पीजीआई चंडीगढ़ के डॉ. अभिषेक घोष ने कहा कि 16 प्रतिशत लोग तम्बाकू का सेवन नशे के रुप में करते हैं। इसका असर शरीर व दिमाग पर पड़ता है। वहीं चार प्रतिशत लोग शराब के आदी हैं। उन्होंने कहा कि नशे से दूरी बनाकर जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

Edited By: Rafiya Naz