लखनऊ, जेएनएन। राजधानी में स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत हो गई है। बलरामपुर अस्पताल में तीन दिन से स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज भर्ती था। हालत गंभीर होने पर मरीज को परिवारीजन उसे लेकर निजी अस्पताल चले गए। जहां उसकी मौत हो गई, तीमारदारों का आरोप था कि इलाज में लापरवाही बरती गई और स्वाइन फ्लू की जांच तक नहीं की गई थी। जिससे मरीज की मौत हो गई, अब तक राजधानी में स्वाइन फ्लू से छह मौत हो चुकी हैं। अ ब तक स्‍वाइन फ्लू से राजधानी में छह मौत हो चुकी है। 

ऐशबाग की रहने वाली महिला मरीज सुषमा गुप्ता (45) को सांस लेने में तकलीफ होने पर बीती तीन फरवरी को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। जहां से महिला मरीज को वार्ड नंबर 28 में भेज दिया गया। तीमारदार रवि गुप्ता का आरोप है कि हर दिन नए डॉक्टर आकर मरीज को देखकर दवा देकर चले जाते थे। महिला मरीज की हालत सुधरने की बजाय और भी बिगड़ती जा रही थी। अस्पताल प्रशासन से इसकी शिकायत भी की गई मगर सुनवाई न हुई। तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने दौरान लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों ने स्वाइन लू का सैंपल भी जांच के लिए नहीं भेजा। परेशान होकर वो बीती छह फरवरी को मरीज को निजी अस्पताल ले गए। जहां से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया जिसमें स्वाइन लू पॉजिटिव आया। इस दौरान महिला मरीज वेंटीलेटर पर चली गई। बुधवार सुबह गोमतीनगर स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार दौरान महिला मरीज की मौत हो गई।

तीमारदार रवि का कहना है कि बलरामपुर अस्पताल में हुई लापरवाही से मरीज की हालत बिगड़ी थी। समय पर जांच व उपचार न शुरू होने से मरीज की मौत हो गई। तीमारदार का कहना है वह मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करेगा ताकि दूसरे मरीज संग ऐसी घटना न हो। अब तक स्वाइन फ्लू से छह मौत हो चुकी है। बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ.राजीव लोचन के मुताबिक मामले की जानकारी नहीं है, अगर मरीज को किसी तरह की दिक्कत थी तो हमसे संपर्क करना चाहिए था। 

Posted By: Anurag Gupta

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