यूपी सरकार की जमीन पर कब्जा करने वालों की बिल्डिंगों पर चलेगा बुलडोजर, ओखला में कार्रवाई के लिए नोटिस जारी
दिल्ली के आली गांव (ओखला) में उत्तर प्रदेश सरकार की 8.48 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई तेज हो गई है।

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HighLights
दिल्ली के आली गांव ओखला में यूपी सरकार की जमीन पर कार्रवाई।
अवैध कब्जाधारियों को नोटिस जारी, ध्वस्तीकरण की तिथि तय होगी।
बैलिफ और नोडल अधिकारी साउथ ईस्ट दिल्ली डीएम से मिलेंगे।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। दिल्ली के आली गांव (ओखला) में उत्तर प्रदेश सरकार की जमीन पर अवैध रूप से बसी कॉलोनी को खाली कराने की कार्रवाई तेज हो गई है। अदालत से नामित बैलिफ (अदालत का अधिकारी, जो कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है) और सिंचाई विभाग के नोडल अधिकारी गुरुवार को साउथ ईस्ट दिल्ली के डीएम को अदालत का आदेश सौंपेंगे।
इस दौरान ध्वस्तीकरण की तिथि निर्धारित करने पर चर्चा होगी। वहीं, अवैध रूप से रह रहे लोगों को कब्जा खाली करने के नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आली गांव के अंतर्गत आने वाले जामिया-ओखला क्षेत्र में कथित रूप से उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा कर रहे लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने के बाद यह मामला तेजी से उठा। भाजपा ने भी इसके विरोध में आवाज उठाई।
बैलिफ के साथ विधिक पहलुओं पर की चर्चा
इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अधिशासी अभियंता बीके सिंह को नोडल अधिकारी नामित किया था। उन्होंने अवैध कब्जा खाली कराने के लिए अदालत से नियुक्त बैलिफ के साथ विधिक पहलुओं पर चर्चा की है।
अब गुरुवार को बैलिफ साउथ ईस्ट दिल्ली के डीएम और इस क्षेत्र के डीसीपी से मुलाकात कर अदालत के आदेश की जानकारी देंगे। साथ ही, कब्जा खाली कराने के लिए कार्रवाई की तिथि निर्धारित करने को कहा जाएगा। अदालत के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए ही बैलिफ की नियुक्ति की जाती है।
दिल्ली के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यमुना तट से जुड़ी सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण की जमीनें सिंचाई विभाग को हस्तांतरित हो गई थीं। बाद में इन जमीनों पर कब्जे हो गए। इस मामले में लंबी अदालती कार्यवाही के बाद वर्ष 2002 में सिंचाई विभाग के पक्ष में फैसला आया। वर्ष 2004 में कुछ हिस्सों से कब्जा खाली करा लिया गया, लेकिन आबादी वाले क्षेत्रों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
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इसी दौरान कुछ लोगों ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बिजली-पानी के बिल जैसे दस्तावेज हैं। उनका कहना था कि संबंधित जमीन पुरानी ग्राम सीमा और लाल डोरा क्षेत्र का हिस्सा है।
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कब्जा खाली कराने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए अधिशासी अभियंता बीके सिंह का कहना है कि अदालत ने बैलिफ नियुक्त कर रखा है। पूरी कार्रवाई उन्हीं की देखरेख में होनी है। गुरुवार को डीएम से इस संबंध में बात की जाएगी। करीब 8.48 एकड़ जमीन को लेकर यह विवाद चल रहा है।
