लखनऊ [जागरण संवाददाता]। 26 नवंबर को मुंबई हमले के 13 साल पूरे हो रहे हैं। इसके एक दिन पहले गुरुवार रात में लखनऊ के प्रमुख भवनों में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को परखने के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) ने मॉक ड्रिल की। इसके लिए लोकभवन में आतंकी हमले की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद हजरतगंज पुलिस ने मोर्चा संभाला। कुछ देर में एटीएस के कमांडो भी वहां पहुंच गए।

मॉक ड्रिल में सचिवालय के सुरक्षाकर्मी, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीम भी शामिल हुई। इससे पहले हजरतगंज चौराहे पर बेरिकेडिंग लगाकर विधान भवन की ओर जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया। देर शाम को अचानक से ट्रैफिक डायवर्जन देख लोग तरह तरह की चर्चा करने लगे। इस दौरान वहां जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। किसी को भी चौराहे से विधान भवन की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी गई।

इसके बाद नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के जवान लोक भवन में दाखिल हुए। एनएसजी ने सबसे पहले लोक भवन में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। प्रवेश और निकास द्वार को घेर लिया। इसके बाद सूचना के आधार पर जवान रस्सी के जरिए लोक भवन के अलग अलग कमरों में दाखिल हुए और मॉक ड्रिल कर हमला करने वाले आतंकियों का सफाया किया। बताया जा रहा है कि एनएसजी के 120 जवान मॉक ड्रिल में शामिल हो रहे हैं।

माना जा रहा है कि आगामी विधान सभा चुनाव को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने इसका आयोजन किया है। देर रात तक लोक भवन के अलावा, विधान भवन व राजभवन के आसपास भी सुरक्षाकर्मी मुस्तैद नजर आए। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए माक ड्रिल की गई है। इसमें लखनऊ पुलिस, एटीएस और एनएसजी के जवान शामिल हुए।

जाम ने किया परेशान : अचानक से ट्रैफिक डायवर्जन करने से हजरतगंज में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने सिकंदरबाग चौराहे पर बेरिकेडिंग कर हजरतगंज की तरफ जाने से लोगों को रोक दिया। इससे वाहनों की कतार लग गई। लोग सहारागंज के रास्ते सप्रु मार्ग होते हुए अपने गंतव्य को रवाना हुए।

Edited By: Umesh Tiwari