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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विधायक संगीत सोम जेल से रिहा, राणा की अर्जी खारिज

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Published: Fri, 08 Nov 2013 10:09 AM (IST)Updated: Fri, 08 Nov 2013 06:42 PM (IST)

लखनऊ। मुजफ्फरनगर तथा पास के अन्य जिलों में भड़के दंगे में सक्रिय भूमिका के आरोप में राष्ट्रीय

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लखनऊ। रासुका एडवाइजरी बोर्ड द्वारा भाजपा विधायकों संगीत सोम और सुरेश राणा पर लगी रासुका हटाने के बाद शुक्रवार को मुजफ्फरनगर जेल से सोम को रिहा कर दिया गया। सहारनपुर के देवबंद में भी कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। उधर थानाभवन से विधायक सुरेश राणा की रिहाई में एक सप्ताह लग सकता है। मुजफ्फरनगर जेल से उनको कैराना कोर्ट में पेश किया गया जहां एक मामले में कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली, जबकि दूसरे मामले में खारिज कर दी। जनपद न्यायाधीश कोर्ट जमानत प्रार्थना पत्र पर सोमवार को सुनवाई करेगा।

संगीत सोम के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने रासुका एडवाइजरी बोर्ड का फैसला गुरुवार शाम को आने के बाद शुक्रवार दोपहर रिहाई के लिये बोर्ड के फैसले की प्रति और कोर्ट से दोनों केसों में जमानत मंजूर होने के आदेश का प्रति जेल अधीक्षक को सौंप दी। इस पर जेल अधीक्षक ने संगीत सोम को रिहा करने के आदेश कर दिये। विधायक को करीब ढाई बजे जेल से रिहा कर दिया। पुलिस ने सोम को देवबंद में भड़काऊ भाषण देने के मामले में कोर्ट में पेश किया जहां जमानत प्रार्थना पत्र मंजूर कर लिया गया।

विधायक सोम ने कहा कि सपा सरकार की झूठ का पुलिंदा जीत के आगे ढेर हो गया। जिन्हें जेल में होना चाहिये, उन्हें गद्दी पर बैठाया जा रहा है और दंगे के दोषियों को विशेष विमान से चाय पर बुलाया जा रहा है। बहन बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ नहीं होने दिया जायेगा।

गौरतलब है कि सात सितंबर को नगला मंदौड़ की महापंचायत में भड़काऊ भाषण देने और आईटी एक्ट के तहत मामले सोम पर दर्ज किये गये थे।

उधर विधायक सुरेश राणा पर लगी रासुका एडवाइजरी बोर्ड ने भले ही हटा दी हो, लेकिन उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट ने एक मामले में आरोपी सुरेश राणा का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया, जबकि दूसरे में खारिज कर दिया। इसके बाद राणा को वापस जिला कारागार मुजफ्फरनगर में वापस भेज दिया गया। जिला सत्र न्यायाधीश के यहां से जमानत मंजूर होने के बाद ही जेल से रिहाई हो सकेगी।

नगला मंदौड़ में 31 अगस्त और सात सितंबर को महापंचायत के दो मामलों में सुरेश राणा को कोर्ट जमानत दे चुकी है। कैराना के मामले में जमानत मंजूर होने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो जायेगा।

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