लखनऊ, जेएनएन। अभी तक उत्तर प्रदेश में अंग और टिशू प्रत्यारोपण केंद्रीय कानून जो नेशनल ऑर्गन एंड टिशू अर्गनाइजेश ने बनाया है, उसके तहत होता था। अब केंद्रीय ऑर्गनाइजेशन ने स्टेट ऑर्गनाइजेशन को इसके लिए अनुमति दे दी है। स्टेट ऑर्गनाइजेशन की जिम्मेदारी संजय गांधी पीजीआइ के अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रमुख प्रो. राजेश हर्षवर्धन को दी गई है। 

शनिवार को इस बारे में जानकारी देने पीजीआइ में अधिवेशन हुआ। इस दौरान प्रोफेसर हर्षवर्धन ने बताया कि अभी कितने लोगों को अंगों की जरूरत है और कितनी उपलब्धता है इसका कोई लाइव डाटा प्रदेश में नहीं है। इसके साथ ही प्रदेश की स्थितियों के आधार पर अंग दान करने वालों और लेने वाले के लिए कोई पॉलिसी नहीं है। स्टेट ऑर्गनाइजेशन अब प्रदेश की परिस्थिति के अनुसार पॉलिसी बनाएगा। प्रो. हर्षवर्धन ने बताया कि अंग प्रत्यारोपण, अंग का वितरण और अंग निकालने के लिए पॉलिसी बनने पर किसी ब्रेन डेड के मिले अंग को किसे दिया जाए, इसके लिए अपना नियम होगा। 

संगोष्ठी में हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. सत्येंद्र तिवारी ने अंग ले जाने के लिए बनाए जाने वाले ग्रीन कॉरीडोर के महत्व पर जानकारी दी। निदेशक प्रो. राकेश कपूर और मुख्य चिकित्सा अधीक्षख प्रो. अमित अग्रवाल ने अंगदान की अपील की। 

अब प्रदेश में बनेगा टिशू बैंक

प्रो. हर्षवर्धन के मुताबिक, प्रदेश का अपना टिशू बैंक बनेगा जिसमें हार्ट वॉल्व, स्टेम सेल, टिशू, स्किन, कार्निया आदि उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा ऑर्गन डोनेशन के लिए टोल फ्री नंबर होगा, जिससे कॉर्निया दान करने के इच्छुक सूचना दे सकते हैं। इसी तरह दूसरे अंग के दान के लिए भी कोशिश होगी।

Posted By: Anurag Gupta

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