लखनऊ [अजय जायसवाल]। योगी सरकार गरीबों को मुफ्त में आशियाना मुहैया कराएगी। बेघर गरीबों को निशुल्क घर उपलब्ध कराने के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग प्रस्ताव बनाने में जुट गया है। निम्न आय वर्ग के बेघरों के लिए भी कम कीमत के आवास बनाए जाएंगे।

सूबे की सवा माह पुरानी योगी सरकार चाहती है कि कोई भी गरीब बिना 'छत के न रहे। शहरी क्षेत्र में झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वालों का पुनर्वास हो। चूंकि जिन गरीबों के पास सही से खाने के लिए पैसे तक नहीं है उनके लिए घर के लिए पैसे जुटाना असंभव सा है इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे अत्यंत गरीबों को मुफ्त में आवास मुहैया कराने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री के साथ ही आवास मंत्री का भी दायित्व संभाल रहे योगी की पहल पर विभागीय अफसर, गरीबों को मुफ्त आवास देने के संबंध में प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव सदाकांत ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में गरीबों की आवासीय योजनाओं को देखते हुए जल्द ही राज्य में नई योजना शुरू की जाएगी। इस संबंध में सभी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्षों और आवास आयुक्त की 25 अप्रैल को अहम बैठक भी बुलाई गई है। सूत्रों के मुताबिक गरीबों को मुफ्त आवासीय योजना पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम से होगी।


सदाकांत ने बताया कि गरीबों के लिए मुफ्त आवास के साथ ही निम्न आय वर्ग को सस्ते में आवास उपलब्ध कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 तक सभी को किफायती आवास मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना पहले से ही चल रही है। योजना के तहत जहां ईडब्ल्यूएस (दुर्बल आय वर्ग) के लिए आवास पर केंद्र सरकार 1.50 लाख रुपये व राज्य एक लाख रुपये का अनुदान देती है। इसी तरह छह लाख रुपये तक के आवास के लिए मात्र 6.5 फीसद ब्याज दर पर लोन की सुविधा होती है।

समाजवादी आवास योजना से न हुआ भला
पूर्व की सपा सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग नीति के तहत गरीबों व मध्यम आय वर्ग को किफायती दर पर आवास मुहैया कराने के लिए समाजवादी आवास योजना को जोर-शोर से शुरू तो किया था लेकिन उसका कोई खास फायदा किसी को नहीं हुआ है। योगी सरकार में योजना का नाम बदलकर अब मुख्यमंत्री आवास योजना तो कर दिया गया है लेकिन योजना में पंजीकृत ज्यादातर निजी विकासकर्ताओं ने तमाम सहूलियतें लेने के बावजूद भवन बनाने का काम ही नहीं शुरू किया है। हालांकि, योजना के तहत विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद द्वारा 23 हजार भवन बनाए जा रहे हैं।

बसपा सरकार ने दिए थे गरीबों को मुफ्त आवास
वर्ष 2008 में तत्कालीन बसपा सरकार की मुखिया मायावती ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम के नाम से श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना शुरू की थी। योजना के तहत गरीबों को चरणबद्ध तरीके से मुफ्त आवास मुहैया कराए गए थे। मार्च 2012 में सपा सरकार बनने पर 28 मई 2012 को संबंधित योजना को बंद कर दिया गया था।

गरीब कल्याण कार्ड के जरिए मिलेगा निशुल्क आवास
विधानसभा चुनाव में संकल्प पत्र के जरिए भाजपा द्वारा किए गए वादे के मुताबिक गरीबों को तमाम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए गरीब कल्याण कार्ड बनाए जाएंगे। मुफ्त मकान के लिए गरीबों के चयन का आधार भी गरीब कल्याण कार्ड होगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सूडा के माध्यम से तकरीबन 35 लाख गरीब परिवारों का चयन किया जा चुका है।
 

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