लखनऊ, जेएनएन। अब उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के हल्के और कम तीव्रता के शुरुआती लक्षण वाले मरीज बिना जांच के ही दस दिन बाद डिस्चार्ज किए जा सकेंगे। उन्हें सात दिनों तक अनिवार्य रूप से होम आइसोलेशन में रहना होगा। सिर्फ गंभीर रोगियों की ही जांच करवाई जाएगी। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे की ओर से सोमवार को रिवाइज्ड डिस्चार्ज पॉलिसी जारी कर दी गई। सभी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों व राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों को अब नई गाइडलाइन के अनुसार अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। 

अब हल्के व कम तीव्रता के शुरुआती लक्षण वाले मरीजों को भर्ती होने के दस दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। अगर उन्हें डिस्चार्ज होने से पहले तीन दिन तक बुखार नहीं आया हो। यही नहीं अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ऐसे लोग घर में सात दिनों तक होम आइसोलेशन में रहेंगे। वहीं कोरोना के तीव्र व मध्यम लक्षण वाले वह मरीज जिनके लक्षण तीन दिन में समाप्त हो गए हों और अगले चार दिन ऑक्सीजन सेच्युरेशन 95 प्रतिशत के ऊपर है तो ऐसे रोगियों को भी भर्ती होने के दस दिन बाद बिना जांच के डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

अस्पताल से छुट्टी देते समय यह भी देखा जाएगा कि बिना बुखार की दवा खाए इस रोगी को बुखार न आया हो, सांस लेने में कोई समस्या न हो और आक्सीजन की आवश्यकता उसे न हो। वहीं यदि मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर है और तीन दिन बाद उसके लक्षण समाप्त नहीं होते तथा उसे आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ती है तो इन्हें भी डिस्चार्ज करने से पूर्व देखा जाएगा कि इनमें कोरोना के लक्षण समाप्त हो गए हों और तीन दिन तक यह बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के ऑक्सीजन सेच्युरेशन मेंनटेन कर रहे हों तो इन्हें भी अस्पताल से छुट्टी देते समय जांच की जरूरत नहीं होगी।

सिर्फ गंभीर रोगियों तथा इम्यूनो-कम्प्रोमाइज्ड जैसे एचआइवी के रोगी, कैंसर रोगी व ऐसे मरीज जिनका पूर्व में ट्रांसप्लांट हुआ हो उन्हें अस्पताल से छुट्टी देते समय उनकी क्लीनिकल रिकवरी देखी जाएगी और कोरोना जांच भी करवाई जाएगी। कोरोना जांच निगेटिव आने के बाद ही इन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।

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