लखनऊ, जेएनएन।  केजीएमयू में बढ़ती अव्यवस्था और अनियमितता से मरीज परेशान हो रहे हैं। मरीज को भर्ती के बजाए डॉक्टर प्राइवेट अस्पताल में भेज रहे थे। इन शिकायतों पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने केजीएमयू में अपने ओएसडी की पहरेदारी बिठा दी है। 

नगर विकास विभाग के सेवानिवृत्ति विशेष सचिव अनिल कुमार बाजपेयी चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना के ओएसडी हैं। वह केजीएमयू में फैली अव्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। हर रोज मंत्री को रिपोर्ट भेज रहे हैं। पीआरओ कार्यालय में भी सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आ रहे मरीजों की समस्या सुन निदान कर रहे हैं। साथ ही संस्थान में फैली अव्यवस्था से हो रही मरीजों की समस्या की जानकारी मंत्री को भी दे रहे हैं। ऐसे में केजीएमयू अफसरों की बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि इनकी गतिविधि पर भी ओएसडी की नजरें हैं।

छुपे हुए कई राज आए बाहर, करेंगे सुधार

अनिल बाजपेयी ने कहा कि संस्थान के डॉक्टर मरीजों को भर्ती करने के बजाए निजी अस्पताल में भेज रहे थे। उन्हें वेंटिलेटर के  लिए बेवजह दौड़ाते थे। एक-एक कर कई राज सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट मंत्री को भेजी जा रही हैं। मरीजों की परेशानी का समाधान किया जाएगा। उनके साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

Posted By: Anurag Gupta

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