लखनऊ, जेएनएन। सड़क निर्माण की रकम में घालमेल करने में एक और नगर अभियंता अमरनाथ के साथ ही अवर अभियंता धीरेंद्र पांडेय, रंजीत सिंह और एके सिंह भी फंस गए हैं। नगर अभियंता जोन आठ में पहले तैनात थे। अब इन अभियंताओं को भी चार्जशीट देने की तैयारी चल रही है।

दो दिन पहले ही इस घपले से पर्दा हटा था और नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जोन आठ में तैनात रहे (अब जोन पांच के नगर अभियंता) एससी सिंह और सहायक अभियंता रहे पीके श्रीवास्तव (अब एलडीए में तैनात) को चार्जशीट दिया था। लेखा विभाग ने इससे पर्दा उठाया था। हवाई अड्डे के पास भूमिगत केबल डालने का काम बिजली विभाग ने एक कंपनी को दिया था। आठ माह पूर्व कंपनी ने नगर निगम में रोड कटिंग के लिए 18 लाख रुपये जमा किए थे लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी से सड़क खोदने की अनुमति न मिलने से केबल नहीं डाली गई थी। उधर, नगर निगम के अभियंताओं ने रोड कटिंग में मिली राशि से दूसरे क्षेत्रों में 15 लाख की सड़क बना दी थी।

कंपनी ने 18 लाख की रकम का समायोजन दूसरे जोन में करने का प्रस्ताव दिया था। नगर अभियंता एक डीएस त्रिपाठी से भी जोन एक में रोड कटिंग की अनुमति मांगी गई थी लेकिन रोड कटिंग की रकम की हकीकत पता करने के लिए मुख्य अभियंता मनीष कुमार सिंह को पत्र भेज दिया था, जिसे परीक्षण के लिए लेखा विभाग भेजा गया था। तब पता चला कि इस रकम को दूसरी जगह सड़क बनाने में खर्च कर दिया गया था, जबकि नियम है कि जहां सड़क खोदी जाए, उसी रकम से वहीं पर उसकी मरम्मत की जाए। नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच में जिन अभियंताओं के नाम आए हैं, उन्हें भी चार्जशीट दिया जाएगा।

 

Posted By: Anurag Gupta

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