लखनऊ, जेएनएन। हृदय रोग आजकल कम उम्र में भी हो रहा है। 30 से 74 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में 18 प्रतिशत को हृदय रोगों का खतरा है, वहीं इस आयु वर्ग में लगभग 10 प्रतिशत लोगों को मधुमेह का खतरा है। उत्तर प्रदेश में हृदय रोगों का सबसे बड़ा कारण धूमपान है । माधव बाग संस्था राजधानी के 11 केंद्रों से आयुर्वेद के जरिए जटिल बीमारियों के इलाज की शुरुआत कर रहा है। संस्थान के प्रमुख डॉ.रोहित साने यह जानकारी एक प्रेस वार्ता में दी।

संस्था के सीओओ श्रीपद उपासनी ने बताया कि माधव बाग विश्व का पहला आयुर्वेदिक कार्डियक केयर केंद्र है जो हृदय रोग के लिए बगैर शल्य चिकित्सा उपचार पद्धति से लगभग पचास लाख लोगों को नया जीवन दे चुका है। आयुर्वेद पद्धति द्वारा संपूर्ण हृदय शुद्धिकरण का आविष्कार भी माधव बाग ने किया है। हृदय रोगों का इलाज आयुर्वेद से करने पर आधारित माधव बाग संस्थान के चिकित्सकों के शोध पत्र इंडियन हार्ट जनरल, ब्रिटिश मेडिकल जनरल और यूरोप मेडिकल जनरल मे भी प्रकाशित हो चुके हैं। वर्तमान समय में अनियंत्रित जीवन शैली से हृदय रोगियों की तादाद बढ़ती जा रही है। इन बीमारियों में अनावश्यक रूप से लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। 

 

इसके साथ ही लोगों की कार्य क्षमता और उत्पादन क्षमता की कमी होती है। इस बीमारी से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए माधव बाग में 11 केंद्र खोलने जा रहा है। ये केंद्र हजरतगंज , पत्रकारपुरम गोमती नगर, विकल्प खंड गोमती नगर, इंदिरा नगर, अलीगंज, जानकीपुरम, चौक, राजाजीपुरम ,  हुसैनगंज, आलमबाग व तेलीबाग में खोले जाने हैं। 

 

Posted By: Anurag Gupta

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