गोंडा, जेएनएन। केंद्र सरकार की तरफ से संचालित आयुष्मान भारत योजना में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। योजना के तहत बनाए गए गोल्डन कार्ड गुरुवार को सड़क किनारे झाड़ियों में पड़े मिले। रास्ते से गुजर रहे विहिप के एक कार्यकर्ता ने जब इन कार्डों को पड़ा देखा तो, उन्हें एकत्र कर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। झाड़ियों में गोल्डन कार्ड मिलने से स्वास्थ्य महकमे में खलबलीमची है। 

गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत योजना ) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गोल्डन हेल्थ कार्ड बांटे जा रहे हैं। इस हेल्थ कार्ड की मदद से पीड़ित चुनिंदा अस्पतालों मे पांच लाख रुपये तक का निश्शुल्क इलाज करा सकते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना अन्तर्गतमूसापुर गांव के लाभार्थियों का हेल्थ कार्ड भी इस योजना के तहत बनाया गया है। इन कार्डोंको लाभार्थियों को वितरित किया जाना था लेकिन, इन कार्डों को बांटने के बजाए फेंक दिया गया। गुरुवार को 20 लाभार्थियों के हेल्थ कार्डरुद्रगढ़नौसी गांव के समीप सड़क किनारे झाड़ियों में पड़े मिले।

गांव के रहने वाले तिलकधर दुबे रास्ते से गुजरे तो उनकी निगाह इन हेल्थ कार्डों पर पड़ी। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को दी। आनन-फानन में स्वास्थ्य कर्मी मौके पर पहुंचे। मौके से हदीसुन्निशा, जगदीश, इसराइल, संतराम, रामराज,रामतेज, ईदू, भगवानदास,मोहर अली, छविलाल, अकबर अली, खैरुलनिसा, हीरालाल, कुन्नू, बालगोविंद, जगप्रसादसमेत 20 लाभार्थियों का हेल्थ कार्ड बरामद हुआ है।तिलकधर ने हेल्थ कार्ड को स्वास्थ्य कर्मियों को सौंप दिया है।

जिम्मेदार के बोल

सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि झाड़ियों में हेल्थ कार्ड मिलना गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। सीएचसी मुजेहना के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।

Posted By: Anurag Gupta

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप