लखनऊ, जेएनएन। वैश्विक महामारी के दोबारा से बेहद भयानक स्वरूप धारण करने के कारण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बड़ा निर्णय लेना पड़ा। राजधानी लखनऊ के साथ ही प्रयागराज, वाराणसी व कानपुर के बिगड़ते हालात को देखते हुए यहां पर आज रात यानी गुरुवार (आठ अप्रैल) से एक हफ्ते नाइट कर्फ्यू लगाया जाएगा। 15 अप्रैल तक जारी रहने वाले नाइट कर्फ्यू के दौरान रात नौ बजे से अगले दिन सुबह छह बजे तक तमाम तरह की बंदिश लगाई गई है। 

बंगाल दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात एक उच्च सतरीय बैठक में पांच सौ से अधिक पॉजिटिव केस वाले जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिलाधिकारियों के साथ वार्ता की और प्रदेश का हाल जाना। इसके बाद ने मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में भी नाइट कर्फ्यू का कदम उठाया। वर्तमान स्थितियों के अनुसार लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और नोएडा में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया गया है। यह नाइट रात्रि 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा, हालांकि यह अलग-अलग शहरों में अलग-अलग समय तक रहेगा। प्रयागराज में रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक रहेगा। इसी प्रकार कानपुर में रात्रि 9 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा। 

देश के साथ प्रदेश में तेजी से पैर पसारते जा रहे कोरोना संक्रमण ने फिर पहले जैसे ही हालात पैदा कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के हालात की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि जिन जिलों में प्रतिदिन सौ से अधिक मामले आ रहे हैं या 500 से अधिक सक्रिय मामले हैं, वहां नाइट कर्फ्यू लगाने और माध्यमिक स्कूल बंद करने पर डीएम-एसपी आपसी समन्वय से फैसला ले सकते हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गुरुवार से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में नाइट कर्फ्यू सहित कुछ प्रतिबंध लगेंगे। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजधानी लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, झांसी, बरेली, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर व मुरादाबाद के जिलाधिकारियों से कोरोना वायरस संक्रमण के हालात की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि जिन जिलों में कोविड-19 के प्रतिदिन सौ से अधिक मामले आ रहे हैं या 500 से ज्यादा सक्रिय केस हैं, उन जिलों के जिलाधिकारी परीक्षाओं को छोड़कर माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश के संबंध में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लें। इसी तरह इन जिलों में रात्रि में आवागमन को नियंत्रित करने (नाइट कर्फ्यू) के संबंध में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समन्वय बनाते हुए निर्णय लें। इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आवश्यक सामग्री जैसे दवा, खाद्यान्न आदि के परिवहन में परेशानी न हो। उन्होंने पंचायत चुनाव और पर्व-त्योहार के कारण अन्य राज्यों से लोगों की प्रदेश में वापसी को संक्रमण दर बढऩे का कारण माना है। उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर जांच कराएं। निगरानी समितियों को सक्रिय करें।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिलों का भ्रमण करें चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री: सीएम योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से जिलों का भ्रमण कर चिकित्सा व्यवस्था की मौके पर समीक्षा करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के भ्रमण के दौरान चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहें। टीकाकरण की गति बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि शासन का प्रयास प्रतिदिन पांच से सात लाख वैक्सीन उपलब्ध कराने का है। 

मास्क के लिए सख्ती का निर्देश: अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी को निर्देश दिए गए कि सभी जिलों में रात में ही जिलास्तरीय पुलिस अधिकारियों से बात करें। मास्क की अनिवार्यता के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दें। इस दौरान अनिवार्यता के लिए कार्रवाई भी की जाए। जारी आदेश अनुसार दिन के समय दो गज की दूरी मास्क जरूरी होगा। पुलिस इसका सख्ती से पालन कराएगी। पुलिस की टीमें हर प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों समेत सभी क्षेत्रों में चेकिंग करेंगी। बिना मास्क के घूम रहे लोगों पर कार्यवाही की जाएगी।

नोएडा में आज से नाईट कर्फ्यू:नोएडा में आज से नाईट कर्फ्यू लगेगा। रात 9 से सुबह 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू रहेगा। दिल्ली में पहले से नाइट कर्फ्यू लगा हुआ है।

लखनऊ में हालात सबसे खराब, आज से नाइट कर्फ्यू: लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कोविड-19 से लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर आदेश जारी कि राजधानी के शहरी इलाके में आठ अप्रैल से नाइट कर्फ्यू जारी कर दिया है। लखनऊ में 15 अप्रैल तक चिकित्सा, नॄसग एवं पैरामेडिकल संस्थानों को छोड़कर सभी सरकारी, गैर सरकारी अथवा निजी विद्यालय, महाविद्यालय, कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। जिन मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में परीक्षाएं और प्रैक्टिकल जहां चल रहे हैं अथवा होने हैं वहां चलते रहेंगे।

संस्थानों को कोविड-19 प्रोटोकाल शारीरिक दूरी, मास्क और सनिटाइजेशन का ध्यान रखना होगा। इसका कठोरता से पालन करना होगा। जरा सी भी लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ में एलडीए के पार्क सुबह छह से 10 तथा शाम चार से आठ बजे तक ही खुलेंगे। पार्क में प्रवेश और टहलने के लिए मास्क व शारीरिक दूरी का पालन करना आवश्यक है। पार्क में 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग, 10 वर्ष से कम आयु वाले बच्चे और गर्भवती महिलाएं एवं बीमारियों से ग्रसित लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

प्रयागराज में रात दस से सुबह आठ बजे तक आज से नाइट कर्फ्यू: कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने रात दस से सुबह आठ बजे तक का कर्फ्यू लगा दिया है। जिलाधिकारी ने आधी रात बाद डीएम ने इसका आदेश जारी किया है। इसी के साथ ही पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है। दिन में बिना मास्क के घर से बाहर निकलने वालों पर पुलिस सख्ती करेगी। नाइट कर्फ्यू 20 अप्रैल तक लागू रहेगा। इस दौरान किसी भी व्यक्ति का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। प्रयागराज में पिछले पांच दिनों से कोरोना के मामले में एकाएक तेजी देखी गई है। तीन अप्रैल को जहां 398 मामले मिले, वहीं चार को बढ़कर 475 हो गए। पांच अप्रैल को 652 तो छह अप्रैल को रिकार्डतोड़ 1084 मामले मिले। सात अप्रैल को फिर 1078 केस पाए गए। बढ़ते मामलों को देखते हुए बुधवार की रात डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने नाइट कर्फ्यू की घोषणा कर दी है। यहां तो पिछले तीन दिनों से लगातार पांच सौ से अधिक मामले आ रहे हैं। अब कर्फ्यू रात दस से सुबह आठ बजे तक लगा दिया गया है। इस दौरान केवल आवश्यक सेवा से जुड़े कर्मचारी ही घर से बाहर निकलेंगे। रात के कर्फ्यू के साथ ही दिन में कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन न करने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा।

वाराणसी में आज से रात का कर्फ्यू: कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। जिले में कोविड 19 संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के दृष्टिगत महामारी अधिनियम के तहत आठ अप्रैल से एक सप्ताह के लिए कुछ प्रतिबंध प्रभावी होंगे। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगेगा। परीक्षा और प्रैक्टिकल के लिए विद्यालय-महाविद्यालय खोलने की छूट होगी। 

कानपुर में आज रात से तमाम बंदिशें: कानपुर शहर में तेजी से कोरोना वायरस का कहर बढ़ रहा है। रोज हो रही मौतों और बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रात्रि कर्फ्यू लागू कर दिया है। इसके लिए आज रात से पुलिस प्रशासन को सख्ती से कफ्र्यू लागू कराने का आदेश दिया गया है। इस कर्फ्यू में कुछ लोगों को छूट भी दी गई और ई-पास जारी करने की भी व्यवस्था है। 

चारों शहरों में इनको रहेगी छूट

- फल, सब्जी, दूध, एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और दवा की दुकानों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

- चुनाव ड्यूटी, प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वालों, रात्रि शिफ्ट के निजी और सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों को छूट रहेगी।

- एयरपोर्ट, रोडवेज और बस के आवागमन की छूट रहेगी, लोग टिकट दिखाकर आ जा सकते हैं।

- जिले भर में एक से 12वीं तक स्कूल बंद रहेंगे। आनलाइन कक्षाएं चलेंगी।

- बिना अनुमति के कोई जुलूस नहीं निकाल सकता है।

- मंदिर, मस्जिद, चर्च, न्यायालयों, कार्यालयों आदि में बिना मास्क प्रवेश नहीं होगा।

- सार्वजनिक स्थलों पर थूकना दंडनीय होगा।

- कंटेनमेंट जोन के बाहर ही सार्वजनिक आयोजन होंगे।

- किसी बंद कमरे में आयोजन करने के लिए उसकी क्षमता के 50 फीसद या अधिकतम सौ व्यक्तियों को ही अनुमति मिलेगी।

- खुले स्थल पर होने वाले आयोजन के लिए उसकी क्षमता के 50 फीसद या अधिकतम दो सौ लोगों के लिए ही अनुमति मिलेगी।

- सामूहिक आयोजनों में कोविड-19 की गाइड लाइन का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

नाइट कर्फ्यू में इन्हेंं मिलेगी आने जाने में छूट

-भारत सरकार के अधिकारी, पीएसयू और स्थानीय निकाय के अधिकारी।

-स्वास्थ्य कर्मी व पैरामेडिकल स्टॉफ के लोग।

-पुलिस व जेल के अधिकारी।

-होमगार्ड, सिविल डिफेंस, दमकल जवान।

-बिजली, पानी व सफाई कर्मचारी।

-परिवहन निगम (बस, रेल व हवाई सेवा कर्मी)।

-आपदा प्रबंधन कर्मी।

-आवश्यक वस्तु से जुड़े कर्मचारी।

-राज्यों के भीतर व अंतरराज्यीय स्तर पर आवश्यक सामान लाने व ले जाने की छूट।

ई-पास दिखकर यह जा सकेंगे

-सब्जी, फल, किराना, मछली, मीट, दवा का काम करने वाले।

-बैंक, एटीएम, इश्योरेंस कर्मी।

-प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया कर्मी।

- टेलीकॉम व इंटरनेट सेवा कर्मी।

- ई कार्मस कंपनियों के कर्मचारी जो खाद्य सामग्री आदि डिलीवरी करने वाले।

- पेट्रोल, सीएनजी, पीएनजी आदि के कर्मचारी।

- किसी भी प्रोडक्शन यूनिट में काम करने वाले कर्मचारी।

- कोल्ड स्टोरेज और सिक्योरिटी सर्विस के कर्मचारी।

लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू में अंतर

लॉकडाउन : लॉकडाउन आपातकालीन व्यवस्था होती है। इसका निर्णय शासन स्तर पर होता है। यह व्यवस्था 24 घंटे लगातार लागू रहती है। लॉकडाउन के जरूरी सेवाएं बंद नहीं की जाती हैं। मेडिकल सेवाएं, बैंक, डेयरी, दवाएं, राशन, फल-सब्जी जैसे जरूरी सामान की दुकानें खुलती हैं। इस बीच लोगों से घर में ही रहने की अपील की जाती है। सिर्फ आवश्यक वस्तुओं के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है।

नाइट कर्फ्यू : इसमें लोगों को घरों से बाहर जाने की अनुमति नहीं होती। नाइट कर्फ्यू में कुछ छूट बहुत कम देर के लिए दी जाती है। जिसमें सिर्फ वही सेवा चालू रहती है, जो बेहद जरूरी होती है। मेडिकल और अन्य जरूरी सेवाएं। इसमें लोगों को हिदायत होती है कि सड़क पर न निकलें और भीड़ न लगाएं। रात्रि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले की गिरफ्तारी हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

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