जागरण संवाददाता, लखनऊ: उन्नाव दुष्कर्म प्रकरण में गिरफ्तार बागरमऊ के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सहयोगी महिला शशि सिंह को भी सीबीआइ ने रविवार को रिमांड मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की कोर्ट में पेश किया और रिमांड अर्जी लगाई। सीबीआइ की ओर से शशि सिंह की दस दिन की रिमांड की अर्जी दी गई थी। अदालत ने चार दिन की रिमांड मंजूर की है। शशि सिंह की ओर से लखनऊ के सीबीआइ कोर्ट में बचाव पक्ष का कोई वकील भी नहीं मौजूद था।

रिमांड मजिस्ट्रेट ने कहा है कि पुलिस कस्टडी रिमांड अवधि रविवार शाम छह बजे से 19 अप्रैल सुबह दस बजे तक प्रभावी होगी। शनिवार को रिमांड मजिस्ट्रेट सुनील कुमार ने ही विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की भी सात दिन की रिमांड दी थी। अब सीबीआइ टीम कुलदीप सिंह सेंगर और शशि सिंह को आमने-सामने करके पूछताछ की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि शनिवार दोपहर माखी गाव से शशि सिंह को गिरफ्तार किया गया था। इन पर किशोरी ने आरोप लगाया है कि वह उसे नौकरी दिलाने का झासा देकर विधायक के घर ले गई थी। वहा उसके साथ दुष्कर्म किया गया। ये महिला विधायक और पीड़िता के घर के पास ही रहती हैं। विधायक के घर से उसके घरेलू तालुकात हैं। शशि का पति सेना में हैं। वह अपने दो बेटों को काम दिलाने के लिए विधायक से मिलती रहती थी। सीबीआइ ने उक्त मामले में तीन मुकदमे दर्ज किए। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआइ पहले ही गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर चुकी है, जहां से 21 अप्रैल तक विधायक को रिमांड पर ले लिया गया था।

शशि सिंह घंटेभर रही सीबीआइ कोर्ट में

करीब पौने चार बजे सीबीआइ कोर्ट परिसर में कैसरबाग, अमीनाबाद, वजीरगंज समेत अन्य थानों का पुलिस बल दाखिल हुआ। मीडिया कर्मियों को भी सीढि़यों के नीचे ही रोक दिया गया। शाम 4.05 बजे सीबीआइ की टीम शशि सिंह को लेकर सीबीआइ कोर्ट पहुंची। कैमरों से बचने के लिए शशि सिंह ने साड़ी के पल्लू से अपना मुंह ढक रखा था। सीबीआइ की टीम शाम पांच बजे कोर्ट परिसर से शशि सिंह को अपनी कस्टडी में लेकर चली गई।

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